ऊना। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। निगम के बेड़े में 17 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गई हैं। इन बसों के संचालन से जिले में यात्रियों को बेहतर और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।

नई इलेक्ट्रिक बसों के आने के बाद ऊना जिले में अब तक कुल 52 ई-बसें उपलब्ध हो चुकी हैं। इनमें ऊना डिपो को 22 और हरोली ई-डिपो को 30 इलेक्ट्रिक बसें मिल चुकी हैं।

ऊना और हरोली डिपो को मिली नई बसें

एचआरटीसी के अनुसार, ऊना पहुंची नई इलेक्ट्रिक बसों में से 7 बसें हरोली ई-डिपो और 10 बसें ऊना डिपो को दी गई हैं।

इन बसों के शामिल होने से उन क्षेत्रों में राहत मिलने की संभावना है, जहां लंबे समय से बसों की कमी के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

ग्रामीण एचआरटीसी इलेक्ट्रिक बस, ऊना बस सेवा, हिमाचल परिवहन, ई बस रूटके यात्रियों, छात्रों, कर्मचारियों और रोजाना सफर करने वाले लोगों को नई बस सेवाओं से लाभ मिलने की उम्मीद है।

इन रूटों पर चलेंगी नई इलेक्ट्रिक बसें

एचआरटीसी ने नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए रूट भी तय कर दिए हैं।

नई ई-बसें मुख्य रूप से इन मार्गों पर चलाई जाएंगी—

चिंतपूर्णी-होशियारपुर के चार रूट

होशियारपुर-धनेटा रूट

होशियारपुर-धनेड़ रूट

इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के लिए भी दो नए रूटों पर इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने की तैयारी है।

ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों की बढ़ेगी कनेक्टिविटी

नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों से संपर्क भी मजबूत होगा।

बद्दी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को भी बेहतर यातायात सुविधा मिलने की उम्मीद है।

एचआरटीसी का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक क्षेत्रों में आधुनिक और सुविधाजनक बस सेवा उपलब्ध कराई जाए।

पर्यावरण संरक्षण में भी मदद

इलेक्ट्रिक बसें प्रदूषण कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। डीजल बसों की तुलना में ई-बसों से प्रदूषण कम होता है और ईंधन की बचत भी होती है।

प्रदेश सरकार और परिवहन निगम इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

यात्रियों को मिलेगी आरामदायक सुविधा

नई इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। आधुनिक तकनीक से लैस इन बसों से यात्रा अधिक आरामदायक और सुरक्षित होने की उम्मीद है।

बसों की संख्या बढ़ने से कई रूटों पर यात्रियों को समय पर परिवहन सुविधा मिल सकेगी।

बसों की कमी वाले रूटों पर राहत

ऊना जिले के कई क्षेत्रों में लंबे समय से यात्रियों को बसों की कमी का सामना करना पड़ रहा था। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को निजी वाहनों या अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था।

नई बसों के संचालन के बाद ऐसे क्षेत्रों में राहत मिलने की संभावना है।

एचआरटीसी का परिवहन विस्तार अभियान

एचआरटीसी प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार नए वाहन बेड़े में शामिल कर रहा है।

इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाना इसी अभियान का हिस्सा है। निगम का लक्ष्य यात्रियों को बेहतर सेवा देने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित करना है।

नई 17 इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने से ऊना जिले में परिवहन नेटवर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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