नियमित कॉलोनी के दस्तावेजों से अनियमित कॉलोनी में NOC लेने का आरोप, दो गिरफ्तार
गोहाना। नियमित कॉलोनियों के प्लॉटों के दस्तावेज और उनकी लोकेशन का कथित तौर पर इस्तेमाल कर अनियमित कॉलोनियों में स्थित प्लॉटों के लिए नगर परिषद से एनओसी लेने के मामले में शहर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में बसंत और अंकुश को गिरफ्तार किया है। वहीं, मामले में सफाई कर्मचारी रवि का नाम भी सामने आया है, जो फिलहाल उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत पर है।
मामले का खुलासा नगर परिषद की जांच के दौरान हुआ। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि अनियमित कॉलोनियों में स्थित कुछ प्लॉटों के लिए नियमित कॉलोनियों के दूसरे प्लॉटों की लोकेशन और उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद एनडीसी पोर्टल के माध्यम से नगर परिषद से एनओसी लेने के लिए आवेदन किए गए।
नगर परिषद की ओर से सामने आई जानकारी के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। शिकायत और जांच के आधार पर शहर थाना पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और अब दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जांच में सामने आया मामला
नगर परिषद में अनियमित कॉलोनियों से जुड़े प्लॉटों के लिए एनओसी के आवेदन की जांच के दौरान अधिकारियों को कुछ दस्तावेजों और प्लॉट की वास्तविक लोकेशन के बीच कथित तौर पर अंतर दिखाई दिया। इसके बाद संबंधित रिकॉर्ड की जांच की गई।
जांच के दौरान पता चला कि जिन प्लॉटों के लिए एनओसी लेने का प्रयास किया गया, उनकी वास्तविक स्थिति अनियमित कॉलोनियों में थी। हालांकि, आवेदन के दौरान नियमित कॉलोनियों में स्थित दूसरे प्लॉटों की लोकेशन और दस्तावेजों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई।
बताया गया कि एनडीसी पोर्टल के माध्यम से इन दस्तावेजों के आधार पर एनओसी के लिए आवेदन किया गया। मामला सामने आने के बाद नगर परिषद के अधिकारियों ने दस्तावेजों और संबंधित रिकॉर्ड की जांच की।
दस्तावेजों की जांच के बाद कार्रवाई
नगर परिषद की जांच में कथित अनियमितता सामने आने के बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद शहर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आवेदन प्रक्रिया में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों, प्लॉट की लोकेशन और संबंधित लोगों की भूमिका की जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान पुलिस को बसंत और अंकुश के नाम सामने आने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि एनओसी हासिल करने के लिए कथित तौर पर दस्तावेजों का इस्तेमाल किस तरीके से किया गया और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
मामले में सफाई कर्मचारी रवि का नाम भी आरोपित के तौर पर सामने आया है। हालांकि, रवि फिलहाल उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत पर है। पुलिस मामले में उसकी भूमिका से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है।
एनडीसी पोर्टल के जरिए आवेदन
मामले में एनडीसी पोर्टल के माध्यम से एनओसी के लिए आवेदन किए जाने की बात सामने आई है। नगर परिषद की ओर से प्लॉट से संबंधित दस्तावेजों और उसकी लोकेशन के आधार पर आवेदन की प्रक्रिया की जाती है।
आरोप है कि अनियमित कॉलोनी में मौजूद प्लॉट के लिए नियमित कॉलोनी के किसी अन्य प्लॉट के दस्तावेजों और लोकेशन का इस्तेमाल किया गया। इस तरह आवेदन में वास्तविक प्लॉट की जगह दूसरे प्लॉट की जानकारी प्रस्तुत किए जाने का आरोप है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि ऐसे कितने प्लॉटों के लिए इस तरह आवेदन किए गए थे। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था या कुछ लोगों ने मिलकर अलग-अलग मामलों में ऐसा किया।
दो आरोपित गिरफ्तार, जांच जारी
शहर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बसंत और अंकुश को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि आरोपितों ने नियमित कॉलोनियों के प्लॉटों के दस्तावेज कैसे हासिल किए। दस्तावेज किसके नाम पर थे और उनका इस्तेमाल करने की अनुमति किसने दी, इस पहलू की भी जांच की जा सकती है।
इसके अलावा पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि संबंधित दस्तावेजों के आधार पर नगर परिषद से एनओसी मिलने के बाद इन प्लॉटों से जुड़ी आगे की प्रक्रिया क्या होती।
नगर परिषद की भूमिका भी अहम
मामले में नगर परिषद की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसी जांच के दौरान दस्तावेजों और प्लॉट की वास्तविक लोकेशन को लेकर कथित गड़बड़ी सामने आई। अब पुलिस के साथ-साथ नगर परिषद के स्तर पर भी संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल की जा सकती है।
अधिकारियों के सामने यह चुनौती होगी कि एनओसी के लिए जमा कराए गए दस्तावेजों का सत्यापन किस स्तर पर किया गया और कथित तौर पर गलत लोकेशन या दूसरे प्लॉट के दस्तावेजों के इस्तेमाल का पता कैसे चला।
इस मामले से नगर परिषद में प्लॉट से संबंधित एनओसी जारी करने की प्रक्रिया की निगरानी और दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
अन्य लोगों की भूमिका की भी होगी जांच
दो आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि मामले में केवल यही लोग शामिल थे या इनके साथ अन्य व्यक्तियों ने भी सहयोग किया।
यदि जांच में और लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, जिन नियमित कॉलोनियों के प्लॉटों के दस्तावेज कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए, उनके रिकॉर्ड की भी जांच किए जाने की संभावना है।
फिलहाल पुलिस ने बसंत और अंकुश को गिरफ्तार कर मामले की जांच आगे बढ़ा दी है, जबकि सफाई कर्मचारी रवि को उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिली हुई है।
फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की जांच पर नजर
पूरे मामले में सबसे अहम पहलू यह है कि अनियमित कॉलोनियों में स्थित प्लॉटों के लिए नियमित कॉलोनियों के अन्य प्लॉटों की लोकेशन और दस्तावेज कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो यह नगर परिषद की एनओसी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता मानी जाएगी।
पुलिस अब दस्तावेजों की वास्तविकता, आवेदन प्रक्रिया और आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस तरह कितने आवेदन किए गए और क्या किसी अन्य व्यक्ति या कर्मचारी की इसमें भूमिका रही।
फिलहाल दो आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। नगर परिषद की जांच से सामने आए इस प्रकरण में पुलिस की आगे की जांच से ही स्पष्ट होगा कि कथित दस्तावेजी हेरफेर का दायरा कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।