Sonipatसोनीपत: सोनीपत से जींद रेलवे ट्रैक पर प्रस्तावित हाइड्रोजन ट्रेन के ट्रायल से पहले रेलवे प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की तैयारी में जुट गया है। ट्रैक के दोनों ओर फैली घनी झाड़ियां, अनधिकृत आवागमन और लोगों का पटरी पर बैठना परीक्षण और नियमित संचालन के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे में रेलवे ने ट्रायल से पहले झाड़ियों को हटाने और ट्रैक के आसपास साफ-सफाई कराने का निर्णय लिया है।
लोको पायलटों और रेल कर्मियों ने ट्रैक की वर्तमान स्थिति को लेकर लखनऊ से पहुंची परीक्षण टीम को निरीक्षण से पहले अवगत कराया। उन्होंने बताया कि ट्रैक के आसपास मौजूद झाड़ियों के कारण दृश्यता प्रभावित होती है, वहीं सुबह-शाम लोग पटरी पर बैठते हैं, मोबाइल पर बात करते हैं या पैदल आवागमन करते नजर आते हैं। 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से होने वाले ट्रायल के दौरान यह स्थिति गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। कर्मियों ने सुझाव दिया कि टेस्टिंग से पहले ट्रैक क्षेत्र की सफाई के साथ-साथ लोगों को जागरूक करना भी आवश्यक है।
परीक्षण टीम के अधिकारियों ने इन सुझावों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि सुरक्षा सर्वोपरि है। टीम के एक सदस्य ने बताया कि ट्रैक के किनारे मौजूद झाड़ियों, अतिक्रमण और अनधिकृत गतिविधियों पर विस्तृत रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी जाएगी।
रिपोर्ट के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाने के बाद ही ट्रायल प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके साथ ही टीम बैलास्ट की स्थिति, स्लीपरों की मजबूती और रेल पटरियों के अलाइनमेंट की भी जांच कर रही है, ताकि किसी भी तकनीकी खामी को समय रहते दूर किया जा सके।अधिकारियों के अनुसार परीक्षण का उद्देश्य भविष्य में ट्रेन संचालन को सुरक्षित और सुगम बनाना है। यदि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की कमी पाई जाती है तो उसे दूर करने के बाद ही अंतिम अनुमति दी जाएगी।