तावड़ू। नूंह जिले के तावड़ू क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन की टीम ने बुधवार को शहरी क्षेत्र में करीब छह एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही तीन अवैध कॉलोनियों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बनाई गई सड़कें, प्लॉटिंग और अन्य निर्माणों को हटाया गया।
यह कार्रवाई जिला नगर योजनाकार अधिकारी (DTP) नूंह बिनेश कुमार के नेतृत्व में की गई। अभियान के दौरान तावड़ू सदर थाना पुलिस की टीम भी मौके पर मौजूद रही, ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके।
जिला नगर योजनाकार अधिकारी बिनेश कुमार ने बताया कि राजस्व क्षेत्र में बिना किसी अनुमति के विकसित की जा रही तीन अवैध कॉलोनियों को लेकर लंबे समय से शिकायतें और सूचनाएं मिल रही थीं। जांच के बाद इन निर्माणों को नियमों के विरुद्ध पाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए इन्हें हटाने का निर्णय लिया।
प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी और बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माणों को गिराया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बनाई गई सड़कों, दुकानों और अन्य ढांचों को भी हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी जमीन पर प्लॉट खरीदने या निवेश करने से पहले संबंधित विभाग से अनुमति और दस्तावेजों की जांच जरूर कर लें। अधिकारियों ने कहा कि अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से लोगों को भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की ओर से अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि बिना मंजूरी के किए जा रहे निर्माण न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि शहरों के सुनियोजित विकास में भी बाधा पैदा करते हैं।
तावड़ू में हुई इस कार्रवाई से अवैध तरीके से कॉलोनी विकसित करने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला नगर योजनाकार विभाग की इस कार्रवाई को अवैध निर्माणों पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने कहा है कि क्षेत्र में जहां भी बिना अनुमति निर्माण या अवैध कॉलोनी विकसित किए जाने की जानकारी मिलेगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।