हिसार में एसकेएम का विरोध प्रदर्शन, भाजपा कार्यालय के बाहर जुटे किसान
एमएसपी की मांग को लेकर हिसार में किसानों ने बुलंद की आवाज
हिसार: फसलों की खरीद में कथित अनियमितताओं, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम कीमत पर फसल बिकने और किसान विरोधी शर्तों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने शनिवार को हिसार में भाजपा कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जिलेभर से किसान सुबह करीब 10 बजे किसान रेस्ट हाउस में एकत्रित हुए। यहां से किसान जुलूस के रूप में भाजपा कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया।
एमएसपी से कम दाम मिलने पर जताई नाराजगी
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य सरदानंद राजली ने कहा कि धान और बाजरे की खरीद में प्रति एकड़ सीमा, जिलों से संबंधित शर्तों, पोर्टल की प्रक्रिया और कथित अवैध कटौती जैसी समस्याओं के कारण किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि धान का एमएसपी 2461 रुपये और बाजरे का 2900 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित होने के बावजूद किसानों को अपनी फसल इससे कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है। राजली ने आरोप लगाया कि भाजपा पंजाब में एमएसपी के मुद्दे पर वोट मांगती है, जबकि हरियाणा में किसानों को एमएसपी से कम दाम पर फसल बेचने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे सरकार का दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि किसान इन मुद्दों पर अपना विरोध जारी रखेंगे।
23 अक्टूबर को एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन
सरदानंद राजली ने बताया कि 23 अक्टूबर को एसआईआर के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा हिसार की ओर से भी इस दिन लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने दिल्ली में एसआईआर के खिलाफ चल रहे आंदोलन को भी समर्थन देने की बात कही।
बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद
प्रदर्शन में शमशेर सिंह नंबरदार, संदीप सिवाच, राजीव मलिक, डॉ. करतार सिवाच, जोगेंद्र मायड़, अनिल बैंदा, ईश्वर वर्मा, सरबत पूनिया, जसबीर सूरा, बलराज मलिक, कमला देवी, मोहनलाल राजली, मेहरसिंह बांगड़, कपूरसिंह बगला, सतीश बैनीवाल, दिलबाग सिंह हुड्डा, ईश्वर सुंडावास, सोमबीर भगाना, कामरेड सुनील, राजेश कुमार और सतीश कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।