हरियाणा में आज बरस सकते हैं बादल मौसम विभाग का अलर्ट
हरियाणा में बदला मौसम कई जिलों में बारिश का अलर्ट
हिसार: हरियाणा में मानसून के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल रहा है। मंगलवार, 18 अगस्त को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की स्थिति अलग-अलग बनी हुई है। कहीं बादल और बारिश राहत दे रहे हैं तो हिसार सहित पश्चिमी हरियाणा के कुछ इलाकों में गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली उपमंडल में आज कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
हिसार में गर्मी का असर अपेक्षाकृत ज्यादा दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन में हिसार का अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 1.5 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उमस के कारण वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस हो सकती है।
प्रदेश में मानसून की गतिविधियां फिलहाल एक समान नहीं हैं। उत्तरी और पूर्वी हरियाणा के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं, जबकि पश्चिमी जिलों में कहीं-कहीं मौसम गर्म बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की सक्रियता में क्षेत्रीय अंतर के कारण एक ही समय में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अलग रूप दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने 18 अगस्त के लिए हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। स्थानीय स्तर पर कम समय में ज्यादा बारिश होने से निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
बारिश के बावजूद तापमान में तुरंत बड़ी गिरावट की संभावना हर जगह नहीं है। जिन क्षेत्रों में बारिश नहीं होगी वहां दिन के समय गर्मी और उमस बनी रह सकती है। हिसार में सोमवार और मंगलवार के दौरान बारिश नहीं होने से लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ा। दूसरी तरफ कुछ जिलों में हुई बारिश से तापमान में आंशिक राहत मिली है। आईएमडी के मुताबिक 19 और 20 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली उपमंडल के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि बारिश बिल्कुल नहीं होगी, बल्कि भारी बारिश वाली चेतावनी नहीं दी गई है। 21 अगस्त को एक बार फिर भारी बारिश की चेतावनी दिखाई गई है।
मौसम की गतिविधियों में 21 अगस्त के आसपास फिर बदलाव आने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा-एनसीआर में बारिश की गतिविधियां दोबारा बढ़ सकती हैं। इससे कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश होने और तापमान में गिरावट आने की संभावना बनेगी।
मौसम में लगातार बदलाव किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है। धान और अन्य खरीफ फसलों के लिए बारिश फायदेमंद हो सकती है, लेकिन कम समय में बहुत अधिक वर्षा खेतों में जलभराव की समस्या पैदा कर सकती है। इसलिए किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार सिंचाई और खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था पर ध्यान देना होगा। शहरी क्षेत्रों में भी तेज बारिश के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। निचले इलाकों और अंडरपास में जलभराव हो सकता है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास रुकने से बचना बेहतर है। कुल मिलाकर हरियाणा में फिलहाल मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है। हिसार में गर्मी और उमस का दौर जारी है, जबकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है। 18 अगस्त के लिए आईएमडी की भारी बारिश की चेतावनी के बाद लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।