चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में सोमवार को कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी (HPPC) की बैठक में कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए पांच लाख टैबलेट और उनके लिए डाटा सिम खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 59 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है।
सरकार के इन फैसलों से एक तरफ विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने और उनकी पढ़ाई में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ नई एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस के आने से गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के दौरान बेहतर आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
बैठक में उच्चतर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सहकारिता एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को टैबलेट
सरकार ने स्कूली विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से पांच लाख टैबलेट उपलब्ध कराने का फैसला किया है। ये टैबलेट कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को दिए जाएंगे। डिजिटल उपकरणों के साथ इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए डाटा सिम की खरीद को भी मंजूरी दी गई है।
टैबलेट के साथ डाटा कनेक्टिविटी मिलने से विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन अध्ययन सामग्री तक पहुंच आसान होगी। छात्र डिजिटल माध्यम से पाठ्य सामग्री, शैक्षणिक वीडियो और अन्य अध्ययन संसाधनों का उपयोग कर सकेंगे। स्कूलों में परंपरागत पढ़ाई के साथ डिजिटल संसाधनों के इस्तेमाल को बढ़ाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार का प्रयास है कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के दौर में विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। खासकर ऐसे विद्यार्थी जिनके पास व्यक्तिगत डिजिटल उपकरण या इंटरनेट की पर्याप्त सुविधा नहीं है, उनके लिए यह योजना उपयोगी हो सकती है।
डाटा सिम की खरीद को भी हरी झंडी
केवल टैबलेट उपलब्ध कराने के बजाय सरकार ने उनके लिए डाटा सिम खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपकरण मिलने के बाद विद्यार्थियों को इंटरनेट कनेक्टिविटी के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े।
इंटरनेट की सुविधा होने से छात्र स्कूल के बाहर भी ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे डिजिटल असाइनमेंट, ऑनलाइन टेस्ट और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में भागीदारी आसान हो सकती है।
सरकार का यह फैसला डिजिटल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की व्यापक योजना का हिस्सा माना जा रहा है। पांच लाख टैबलेट की खरीद बड़े स्तर की प्रक्रिया होगी और इसके वितरण को लेकर संबंधित विभाग आगे विस्तृत व्यवस्था तैयार कर सकते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 59 ALS एंबुलेंस
शिक्षा क्षेत्र के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेश में 59 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस सामान्य एंबुलेंस की तुलना में गंभीर मरीजों के लिए अधिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस होती हैं। ऐसी एंबुलेंस का उपयोग उन मरीजों के परिवहन में किया जाता है जिन्हें अस्पताल पहुंचने तक लगातार चिकित्सा निगरानी या जीवनरक्षक सहायता की जरूरत होती है।
सड़क दुर्घटना, हृदय संबंधी आपात स्थिति और अन्य गंभीर मामलों में मरीज को समय पर उचित चिकित्सा सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। नई ALS एंबुलेंस उपलब्ध होने से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
गंभीर मरीजों को मिलेगी बेहतर सुविधा
प्रदेश में 59 नई एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस शामिल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के एंबुलेंस नेटवर्क को मजबूती मिलने की संभावना है। विशेष रूप से दूरदराज के इलाकों से गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने में ये वाहन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
आपातकालीन परिस्थितियों में अस्पताल पहुंचने से पहले का समय मरीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में आवश्यक जीवनरक्षक उपकरणों से लैस एंबुलेंस के जरिए रास्ते में ही मरीज की निगरानी और जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।
नई एंबुलेंस को किन क्षेत्रों और स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ा जाएगा, इसकी विस्तृत योजना स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार की जा सकती है। आवश्यकता और मरीजों के दबाव के आधार पर इनका वितरण महत्वपूर्ण रहेगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर एक साथ फोकस
हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलों से सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों पर एक साथ फोकस करने का संकेत दिया है। विद्यार्थियों को पांच लाख टैबलेट और डाटा सिम उपलब्ध कराने की योजना सीधे तौर पर डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने से जुड़ी है, जबकि 59 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में कदम है।
अब इन प्रस्तावों की मंजूरी के बाद खरीद और वितरण की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। टैबलेट विद्यार्थियों तक कब से पहुंचाए जाएंगे और डाटा सिम के माध्यम से उन्हें किस प्रकार की इंटरनेट सुविधा मिलेगी, इसे लेकर आगे विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
इसी तरह स्वास्थ्य विभाग को नई एंबुलेंस मिलने के बाद उनके संचालन, तैनाती और स्टाफ की व्यवस्था भी अहम होगी। सरकार का लक्ष्य इन संसाधनों के जरिए आम लोगों और विद्यार्थियों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाना है।