चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने स्कूली छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को 5 लाख टैबलेट उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है। इन टैबलेट के लिए डेटा सिम खरीद को भी मंजूरी दी गई है।

सरकार का कहना है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है, ताकि छात्र आधुनिक जरूरतों के अनुसार डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल कर सकें।

डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में कहा कि मौजूदा समय में तकनीक शिक्षा का अहम हिस्सा बन चुकी है। छात्रों को डिजिटल माध्यमों से पढ़ाई की बेहतर सुविधा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

इस योजना के तहत 10वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को टैबलेट दिए जाएंगे। इनके संचालन के लिए 5 लाख डेटा सिम खरीदने की प्रक्रिया को भी मंजूरी दी गई है।

सरकार का मानना है कि टैबलेट और इंटरनेट सुविधा मिलने से छात्रों को ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, डिजिटल पाठ्यक्रम और अन्य शैक्षणिक संसाधनों तक आसानी से पहुंच मिलेगी।

हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में कई फैसले

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में शिक्षा के अलावा अन्य विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

बैठक में हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के लिए 220 वोल्ट की ट्यूबलर टाइप लेड एसिड बैटरी की खरीद को भी स्वीकृति दी गई। इसमें अलग-अलग क्षमता की बैटरियां शामिल हैं।

इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 59 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की मंजूरी दी गई है। इनमें 33 एंबुलेंस दक्षिणी क्षेत्र और 26 एंबुलेंस उत्तरी क्षेत्र के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी।

असंध शुगर मिल के संचालन को भी मंजूरी

बैठक में हैफेड द्वारा संचालित असंध शुगर मिल को एक साल तक चलाने की मंजूरी भी दी गई। इसके लिए वार्षिक ओवरहॉलिंग, मरम्मत, रखरखाव और अन्य खर्चों के लिए करीब 11.90 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

सरकार ने कहा कि विभिन्न विभागों से जुड़े करीब 90 करोड़ रुपये से अधिक के सेवा कार्यों को भी बैठक में मंजूरी दी गई है।

छात्रों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर जोर

हरियाणा सरकार का कहना है कि बदलते दौर में डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता छात्रों की सीखने की क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगी। टैबलेट वितरण योजना के जरिए खास तौर पर स्कूली छात्रों को तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

सरकार की इस पहल से छात्रों को पढ़ाई के लिए अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिजिटल सामग्री तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।

बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सहकारिता एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

हरियाणा सरकार के इस फैसले को प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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