Gurugram शाहिद, जिसे 'आडवाणी' के नाम से भी जाना जाता था, एक वांछित अपराधी था। वह गो-तस्करी और ATM उखाड़ने जैसी वारदातों में शामिल था। नूंह पुलिस की CIA टीम के साथ हुई एक मुठभेड़ में वह सोहना के पास मारा गया। वह नूंह जिले के तावडू इलाके के खरखड़ी गांव का रहने वाला था।
पुलिस के अनुसार, यह मुठभेड़ आज सुबह गुरुग्राम के सोहना के पास सिलानी गांव के निकट हुई। नूंह पुलिस की CIA टीम लगातार आडवाणी का पीछा कर रही थी। पीछा करते हुए पुलिस टीम गुरुग्राम जिले की ओर आ गई। सोहना इलाके के सिलानी गांव के पास पुलिस ने आडवाणी को घेर लिया। इसके बाद पुलिस और अपराधी के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। गोलीबारी के दौरान, आडवाणी को गोली लग गई और उसकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, 2018 में आडवाणी गुरुग्राम क्राइम ब्रांच की हिरासत से भागने में कामयाब हो गया था। तब से, कई राज्यों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। आडवाणी के खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे और वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बचता आ रहा था। पुलिस ने इस मुठभेड़ को एक बड़ी कामयाबी बताया है।
नूंह पुलिस के प्रवक्ता ने कहा, "आडवाणी एक कुख्यात अपराधी था। उस पर गो-तस्करी और ATM मशीनें उखाड़ने सहित कई मामलों में शामिल होने का आरोप था। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।"