Karnal कल्याण ने घरौंडा अनाज मंडी के दौरे के दौरान यह भरोसा दिलाया। वहां उन्होंने खरीद की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और किसानों, आढ़तियों तथा मंडी समिति के अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने धान के ढेरों का निरीक्षण किया और फसल में नमी की मात्रा की जांच भी की। उनके साथ उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा और घरौंडा के उप-मंडलीय दंडाधिकारी (SDM) अनुभव मेहता भी मौजूद थे।
पिछले कुछ दिनों में किसानों को आ रही दिक्कतों का जिक्र करते हुए कल्याण ने कहा कि खरीद प्रक्रिया में कुछ देरी हुई है, क्योंकि इसमें शामिल होने के लिए जरूरी संख्या में राइस मिलर (चावल मिल मालिक) नहीं आए थे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के फैसले के बाद, गुरुवार 15 अक्टूबर से और अधिक मिलर इस प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे। कल्याण ने कहा, "सरकार की प्रतिबद्धता यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को कोई परेशानी न हो और उनकी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी जाए।" उन्होंने यह भी कहा कि किसानों, आढ़तियों और राइस मिलरों, सभी के हितों की रक्षा की जाएगी।
फसल को किसानों की कड़ी मेहनत और त्याग का परिणाम बताते हुए, स्पीकर ने कहा कि सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए गंभीर है और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी पक्षों के साथ निष्पक्ष व्यवहार हो। मौसम विभाग के बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए, कल्याण ने किसानों से घबराने की अपील की और भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी तरह से उनके साथ खड़ा है।
उन्होंने कहा, "किसान की फसल उसकी कड़ी मेहनत का फल होती है। अगर सिस्टम में किसी लापरवाही की वजह से उसकी इस मेहनत की कमाई को नुकसान पहुंचता है, तो यह एक बड़ा अन्याय होगा।" कल्याण ने किसानों को यह सलाह भी दी कि वे मंडियों में धान को अच्छी तरह सुखाकर लाएं और यह सुनिश्चित करें कि उसमें नमी की मात्रा तय सीमा के भीतर ही हो। उन्होंने कहा कि नमी ज्यादा होने से खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और खरीद केंद्रों पर अनावश्यक मुश्किलें पैदा हो सकती हैं।
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