Nuh: प्रदूषण फैलाने के आरोप में बूचड़खाने पर कसा शिकंजा, नूंह में सील
प्रदूषण पर प्रशासन सख्त, नूंह में बूचड़खाने के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
नूंह: नूंह जिले में बूचड़खानों से जुड़े प्रदूषण और नियमों के उल्लंघन का मुद्दा लगातार उठाने वाले फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान इंजीनियर की शिकायत के बाद बड़ी कार्रवाई सामने आई है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मांडीखेड़ा के पास जलालपुर गांव में संचालित फेयर एक्सपोर्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बूचड़खाने को नियमों में खामियां पाए जाने के बाद सील कर दिया है।
विधायक मामन खान ने बताया कि बूचड़खाने को लेकर आसपास के ग्रामीण लंबे समय से शिकायतें कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप था कि बूचड़खाने से निकलने वाले पशु अवशेष, मल-मूत्र और खून युक्त गंदा पानी खुले में बहाए जाने से आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध और प्रदूषण की समस्या पैदा हो रही थी।
विधायक के अनुसार उन्होंने स्वयं मौके का निरीक्षण किया और मामले को गंभीरता से लेते हुए विधानसभा की प्रदूषण कमेटी के समक्ष भी इस मुद्दे को उठाया। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कार्रवाई करते हुए बूचड़खाने को सील कर दिया गया।
विधायक ने कहा कि यह कार्रवाई केवल एक संस्थान तक सीमित नहीं रहेगी। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां कार्रवाई की मांग को लेकर वह आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से भी अपील की कि मेवात क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए एकजुट होकर काम किया जाए। विधायक ने इसे ग्रामीणों की शिकायत और लंबे समय से चलाए जा रहे संघर्ष की जीत बताया है।