चंडीगढ़। हरियाणा सरकार रक्षा क्षेत्र में निवेश और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही नई रक्षा नीति लाने की तैयारी कर रही है। राज्य में रक्षा उपकरणों के निर्माण और इससे जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य रक्षा क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ राज्य को मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाना है।
मुंबई में आयोजित हैपनिंग हरियाणा 2.0 कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निवेशकों के साथ राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में राज्य की औद्योगिक संभावनाओं और आगामी योजनाओं को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि हरियाणा में रक्षा क्षेत्र के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है और नई नीति के जरिए इस क्षेत्र में निवेश को गति देने का प्रयास होगा।
हिसार में मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पर काम
मुख्यमंत्री ने बताया कि हिसार स्थित महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के आसपास मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने की दिशा में काम चल रहा है। एयरपोर्ट की उपलब्धता को औद्योगिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
इसी क्षेत्र में भविष्य में डिफेंस क्लस्टर विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। यदि यहां रक्षा उपकरणों और संबंधित उत्पादों के निर्माण से जुड़े उद्योगों को एक स्थान पर विकसित किया जाता है तो इससे कंपनियों को साझा बुनियादी ढांचे और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं का लाभ मिल सकता है।
सरकार की योजना रक्षा विनिर्माण के लिए ऐसा औद्योगिक वातावरण तैयार करने की है, जहां उत्पादन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को एक-दूसरे के करीब स्थापित किया जा सके।
निवेशकों के लिए अवसर बढ़ाने पर जोर
हैपनिंग हरियाणा 2.0 के दौरान मुख्यमंत्री ने निवेशकों के साथ राज्य में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने रक्षा क्षेत्र के अलावा विनिर्माण और अन्य औद्योगिक गतिविधियों में निवेश की संभावनाओं को भी सामने रखा।
सरकार का मानना है कि हरियाणा में मजबूत सड़क नेटवर्क, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निकटता और औद्योगिक आधार जैसी सुविधाएं निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। रक्षा क्षेत्र में नई नीति के जरिए इन क्षमताओं का उपयोग करने की योजना बनाई जा रही है।
नई रक्षा नीति में निवेशकों को किस तरह की सुविधाएं और प्रोत्साहन दिए जाएंगे, इसका विस्तृत खाका नीति जारी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।
जेवर एयरपोर्ट के पास भी औद्योगिक क्लस्टर
मुख्यमंत्री ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट के निकट हरियाणा की सीमा में एक अन्य औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की योजना पर भी काम आगे बढ़ाया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को देखते हुए इस क्षेत्र को भविष्य के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हरियाणा सरकार की कोशिश है कि एयरपोर्ट आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जाए। इससे ऐसे उद्योगों को फायदा मिल सकता है जिन्हें तेज परिवहन और बेहतर लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी की आवश्यकता होती है।
जेवर एयरपोर्ट के आसपास विकसित होने वाले क्लस्टर में विभिन्न प्रकार की औद्योगिक और विनिर्माण गतिविधियों को जगह मिलने की संभावना है।
रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता पर जोर
रक्षा क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता बढ़ाने के प्रयासों के बीच हरियाणा सरकार भी इस क्षेत्र में अपनी भूमिका मजबूत करने की तैयारी कर रही है। रक्षा उपकरणों के निर्माण से जुड़े उद्योगों को राज्य में आकर्षित करने से स्थानीय स्तर पर उत्पादन क्षमता विकसित हो सकती है।
डिफेंस क्लस्टर में बड़े उद्योगों के साथ छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए भी अवसर पैदा हो सकते हैं। रक्षा उपकरणों के निर्माण में बड़ी कंपनियों के साथ बड़ी संख्या में सहायक इकाइयों और सप्लायर की आवश्यकता होती है। ऐसे में क्लस्टर मॉडल के माध्यम से स्थानीय उद्योगों को भी नई संभावनाएं मिल सकती हैं।
रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
रक्षा विनिर्माण और औद्योगिक क्लस्टरों के विस्तार से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। उत्पादन इकाइयों के साथ तकनीकी, लॉजिस्टिक्स, रखरखाव, डिजाइन और अन्य सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में भी रोजगार की संभावनाएं बन सकती हैं।
सरकार की योजना केवल बड़े निवेश तक सीमित नहीं रहने की है, बल्कि स्थानीय स्तर पर उद्योगों का व्यापक इकोसिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे राज्य के युवाओं को तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।
हिसार के औद्योगिक विकास को मिलेगी गति
महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के साथ मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने की योजना हिसार के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आ सकती है।
यदि इसी क्षेत्र में डिफेंस क्लस्टर विकसित करने की योजना आगे बढ़ती है तो हिसार रक्षा विनिर्माण से जुड़े उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर सकता है। इससे क्षेत्र में निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
नई नीति का इंतजार
हरियाणा में रक्षा क्षेत्र के लिए प्रस्तावित नई नीति को लेकर अब उद्योग जगत की नजर सरकार की अगली घोषणा पर है। नीति के जरिए निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने, औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित करने और रक्षा क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने की दिशा स्पष्ट हो सकती है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार विभिन्न स्थानों पर क्लस्टर आधारित विकास की संभावनाओं पर काम कर रही है। हिसार और जेवर एयरपोर्ट के आसपास प्रस्तावित औद्योगिक गतिविधियां इसी रणनीति का हिस्सा हैं।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार रक्षा विनिर्माण को राज्य की औद्योगिक विकास रणनीति में महत्वपूर्ण स्थान देने की तैयारी में है। नई रक्षा नीति और प्रस्तावित डिफेंस क्लस्टर यदि योजना के अनुसार आगे बढ़ते हैं तो राज्य में रक्षा उपकरण निर्माण, सहायक उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा हो सकती हैं।