पलवल। अलीगढ़ रोड स्थित गांधी कॉलोनी में खुले सीवर मैनहोल में गिरकर चार वर्षीय बच्ची दीपांशी की मौत के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के लिए अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। समिति को 48 घंटे के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने साफ किया है कि जांच रिपोर्ट में जो भी व्यक्ति या विभागीय अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, हादसे के बाद प्रशासन ने घटनास्थल समेत आसपास के खुले सीवर मैनहोल को ढकने का काम शुरू कर दिया है।

मासूम की मौत के बाद जागा प्रशासन

जानकारी के अनुसार, अलीगढ़ रोड स्थित गांधी कॉलोनी में खुले सीवर मैनहोल में गिरने से चार वर्षीय दीपांशी की मौत हो गई थी। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने खुले मैनहोल को लेकर प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।

लोगों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में कई सीवर मैनहोल खुले पड़े थे, लेकिन समय रहते उनकी मरम्मत या ढक्कन लगाने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। यदि प्रशासन ने पहले ही इस समस्या पर ध्यान दिया होता तो शायद मासूम की जान बचाई जा सकती थी।

जांच समिति को 48 घंटे का समय

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर ने जांच समिति गठित की है। समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त करेंगे। समिति को पूरे मामले की जांच कर 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

जांच में हादसे के कारणों, खुले मैनहोल की स्थिति, जिम्मेदार विभागों की भूमिका और लापरवाही के संभावित पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

हादसे के बाद लगाए गए सीवर ढक्कन

मासूम की मौत के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों ने क्षेत्र में सक्रियता दिखाई। घटनास्थल के आसपास मौजूद खुले सीवर मैनहोल पर ढक्कन लगवा दिए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकना बताया जा रहा है।

हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कदम हादसे के बाद उठाया गया है। उनका सवाल है कि यदि पहले ही खुले मैनहोल को बंद कर दिया जाता तो एक परिवार को अपनी मासूम बच्ची नहीं खोनी पड़ती।

स्थानीय लोगों में नाराजगी

घटना के बाद गांधी कॉलोनी के लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है। स्थानीय निवासियों ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर खुले सीवर मैनहोल लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं।

लोगों ने मांग की है कि केवल इस घटना के बाद ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में सीवर व्यवस्था की जांच कर सभी खुले मैनहोल को सुरक्षित किया जाए। इसके अलावा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमित निगरानी व्यवस्था बनाने की भी मांग की गई है।

कार्रवाई का इंतजार

फिलहाल सभी की नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई है। प्रशासन का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग चाहते हैं कि इस मामले में केवल जांच तक सीमित न रहकर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी दुखद घटना का सामना न करना पड़े। खुले सीवर मैनहोल जैसे मामलों में समय रहते कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

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