महेंद्रगढ़। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के कनीना टाउनशिप को जल्द ही एक आधुनिक और सुविधाओं से लैस छह-बे वाले नए बस स्टैंड की सौगात मिलने जा रही है। प्रस्तावित बस स्टैंड के निर्माण पर करीब 6.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (बिल्डिंग्स एंड रोड्स) ने निर्माण एजेंसियों से ई-टेंडर आमंत्रित किए हैं। सरकार ने परियोजना को पूरा करने के लिए 455 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की है।

नए बस स्टैंड के बनने से कनीना और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। मौजूदा बस स्टैंड काफी पुराना है और लंबे समय से यातायात की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए नई व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

छह बसों के लिए तैयार होगा नया टर्मिनल

प्रस्तावित बस स्टैंड में छह बस-बे बनाए जाएंगे। इससे एक समय में कई बसों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने और यात्रियों को बसों में चढ़ने-उतरने की सुविधा मिलेगी।

कनीना क्षेत्र से रोजाना बड़ी संख्या में लोग सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीण इलाकों से शहर और आसपास के कस्बों में आने वाले यात्रियों के लिए बस सेवा महत्वपूर्ण साधन है। नया बस स्टैंड बनने के बाद बसों की आवाजाही को व्यवस्थित करने और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

परियोजना के तहत आधुनिक यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बस स्टैंड का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। हालांकि, निर्माण से जुड़ी विस्तृत सुविधाएं और डिजाइन परियोजना के अंतिम रूप के बाद स्पष्ट होंगे।

PWD ने जारी किया ई-टेंडर

परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (बिल्डिंग्स एंड रोड्स) के पास है। विभाग ने निर्माण कार्य के लिए ई-टेंडर आमंत्रित किए हैं। इच्छुक निर्माण एजेंसियां निर्धारित प्रक्रिया के तहत टेंडर में भाग ले सकेंगी।

सरकार ने परियोजना को पूरा करने के लिए 455 दिनों की समय-सीमा तय की है। इसका मतलब है कि निर्माण एजेंसी के चयन और काम शुरू होने के बाद निर्धारित अवधि में भवन और संबंधित निर्माण कार्य पूरा करना होगा।

परियोजना की अनुमानित लागत करीब 6.75 करोड़ रुपये रखी गई है। निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करना संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी के लिए प्रमुख जिम्मेदारी होगी।

करीब पांच दशक पुराना है मौजूदा बस स्टैंड

कनीना का मौजूदा बस स्टैंड काफी पुराना है। इसकी आधारशिला 22 दिसंबर 1974 को रखी गई थी। इसके बाद बस स्टैंड का औपचारिक उद्घाटन 4 जून 1983 को हुआ था।

करीब पांच दशक पुराने इस बस स्टैंड की स्थापना उस दौर में क्षेत्र की परिवहन जरूरतों को देखते हुए की गई थी। लेकिन समय के साथ कनीना और आसपास के क्षेत्रों में आबादी, यातायात और सार्वजनिक परिवहन की जरूरतों में काफी बदलाव आया है।

वर्तमान समय में यात्रियों और बसों की संख्या में वृद्धि के कारण पुराने बस स्टैंड पर सुविधाओं और स्थान को लेकर दबाव महसूस किया जा रहा है। ऐसे में नया बस स्टैंड बनाए जाने की योजना को क्षेत्र के परिवहन ढांचे के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा

नए बस स्टैंड से कनीना आने वाले यात्रियों को बेहतर और व्यवस्थित परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है। आधुनिक बस स्टैंड में बसों की आवाजाही को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा।

बसों के लिए अलग-अलग बे होने से वाहनों को खड़ा करने और यात्रियों को बस पकड़ने में आसानी होगी। इससे बस स्टैंड के आसपास अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था कम करने में भी मदद मिल सकती है।

इसके अलावा नए परिसर में यात्रियों की बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाएं विकसित किए जाने की संभावना है। सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए भी बेहतर व्यवस्था होने की उम्मीद है।

आसपास के गांवों को भी फायदा

कनीना केवल कस्बे तक सीमित परिवहन केंद्र नहीं है, बल्कि आसपास के कई गांवों के लोग भी यहां से बस सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए नए बस स्टैंड का लाभ ग्रामीण आबादी को भी मिलेगा।

बेहतर बस अड्डा बनने से कनीना से महेंद्रगढ़, नारनौल और आसपास के अन्य क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन के विस्तार और बसों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में भी यह परियोजना मददगार साबित हो सकती है।

पुराने ढांचे की जगह आधुनिक व्यवस्था

मौजूदा बस स्टैंड के पुराने ढांचे की तुलना में प्रस्तावित नया बस स्टैंड आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा। करीब 6.75 करोड़ रुपये की परियोजना से परिवहन ढांचे को नया स्वरूप देने की तैयारी है।

सरकार की ओर से 455 दिनों की समय-सीमा तय किए जाने से यह भी स्पष्ट है कि परियोजना को लंबा खींचने के बजाय निर्धारित अवधि में पूरा करने पर जोर रहेगा।

टेंडर प्रक्रिया के बाद शुरू होगा निर्माण

फिलहाल परियोजना टेंडर प्रक्रिया के चरण में है। निर्माण एजेंसी का चयन होने के बाद साइट पर काम शुरू होने की संभावना है। इसके बाद निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करना होगा।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी होगी और नए बस स्टैंड का निर्माण समय पर शुरू हो जाएगा। लंबे समय से पुराने बस स्टैंड पर निर्भर यात्रियों के लिए यह परियोजना क्षेत्र के सार्वजनिक परिवहन ढांचे में बड़ा बदलाव ला सकती है।

कनीना का मौजूदा बस स्टैंड करीब पांच दशक पुराना होने के कारण नया छह-बे वाला आधुनिक बस स्टैंड क्षेत्र की बदलती परिवहन जरूरतों को पूरा करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। 6.75 करोड़ रुपये की लागत और 455 दिनों की निर्धारित समय-सीमा के साथ अब लोगों की नजर निर्माण कार्य शुरू होने और परियोजना के समय पर पूरा होने पर रहेगी।

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