चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने मिलावटी और नकली पनीर की बिक्री पर सख्त कदम उठाते हुए नॉन-डेयरी पनीर और ऐसे उत्पादों पर रोक लगा दी है। अब यदि कोई व्यापारी वनस्पति तेल, कृत्रिम फैट या अन्य गैर-डेयरी सामग्री से बने उत्पादों को असली पनीर बताकर बेचता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों को जेल और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। सरकार का यह फैसला लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि बाजार में कई जगह ऐसे उत्पाद बेचे जा रहे हैं जो दिखने में बिल्कुल पनीर जैसे लगते हैं, लेकिन उनमें दूध की जगह अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इससे ग्राहकों को असली और नकली पनीर की पहचान करने में परेशानी होती है।

नॉन-डेयरी पनीर की बिक्री पर रोक
नए नियमों के तहत ऐसे उत्पाद जिनमें दूध की जगह वनस्पति तेल, वनस्पति फैट या अन्य गैर-डेयरी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, उन्हें पनीर के नाम से बेचने पर रोक लगा दी गई है। खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्राहकों को भ्रमित करने वाले लेबल और नामों का इस्तेमाल न करें। अधिकारियों के अनुसार, असली पनीर दूध से तैयार किया जाने वाला मानकीकृत डेयरी उत्पाद है। इसमें दूध के ठोस पदार्थ और फैट की अहम भूमिका होती है। दूध की जगह दूसरी सामग्री मिलाकर तैयार किए गए उत्पाद को पनीर के रूप में बेचना नियमों के खिलाफ माना जाएगा।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि यदि कोई दुकानदार या कारोबारी नॉन-डेयरी पनीर को असली पनीर बताकर बेचता है तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर लाइसेंस रद्द होने के साथ जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। गंभीर मामलों में जेल की सजा का प्रावधान भी है।
कैसे पहचानें असली और नकली पनीर?
ग्राहक कुछ बातों का ध्यान रखकर नकली पनीर से बच सकते हैं—
असली पनीर आमतौर पर दूध जैसी प्राकृतिक खुशबू देता है।
बहुत ज्यादा रबड़ जैसा या खिंचाव वाला पनीर संदिग्ध हो सकता है।
पैकेट वाले पनीर पर सामग्री और लाइसेंस की जानकारी जरूर देखें।
बेहद कम कीमत में मिलने वाले पनीर की गुणवत्ता जांच लें।
त्योहारों से पहले बढ़ाई गई निगरानी
त्योहारी सीजन में पनीर, खोया, दूध और अन्य डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने बाजारों में निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है अधिकारियों की टीमें दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों से सैंपल लेकर जांच करेंगी। मिलावट पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्राहकों की सेहत से जुड़ा मामला
पनीर का इस्तेमाल बड़ी संख्या में लोग करते हैं। ऐसे में नकली या घटिया गुणवत्ता वाले उत्पादों की बिक्री स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है। सरकार का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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