गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम में करीब 17 महीने से खाली चल रहे सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के लिए सोमवार को चुनाव होगा। दोनों महत्वपूर्ण पदों पर चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा के चार पार्षदों के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं, लेकिन उम्मीदवारों पर अंतिम निर्णय पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में लिया जाएगा।

चुनाव प्रक्रिया सेक्टर-18 स्थित हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान यानी एचआईपीए में आयोजित की जाएगी। चुनाव से पहले भाजपा कार्यालय गुरुकमल में पार्टी की कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के भी इस बैठक में शामिल होने की संभावना है। बैठक में दोनों पदों के लिए संभावित दावेदारों के नामों पर चर्चा के बाद अंतिम फैसला किया जाएगा।

भाजपा की बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नगर निगम सदन में पार्टी का बहुमत है। ऐसी स्थिति में पार्टी की ओर से तय उम्मीदवारों की जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है। हालांकि आधिकारिक घोषणा और मतदान से पहले किसी भी पार्षद का निर्वाचन तय नहीं माना जा सकता।

चार पार्षदों के नाम चर्चा में

सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद के लिए भाजपा के चार पार्षदों के नाम चर्चा में हैं। इनमें दो पार्षद यादव समुदाय और दो पार्षद अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित बताए जा रहे हैं। पार्टी दोनों पदों के लिए सामाजिक तथा क्षेत्रीय संतुलन बनाने का प्रयास कर सकती है।

संभावित दावेदारों को लेकर पार्टी के अंदर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। फिर भी अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी वाली बैठक में होने की संभावना है। भाजपा नेतृत्व ऐसे पार्षदों पर सहमति बनाने की कोशिश करेगा, जिन्हें पार्टी के दूसरे सदस्यों का समर्थन मिल सके और चुनाव के दौरान किसी तरह की अंदरूनी असहमति सामने न आए।

कोर कमेटी की बैठक के बाद पार्षदों को उम्मीदवारों के नामों की जानकारी दी जा सकती है। पार्टी एकजुटता का संदेश देने के लिए दोनों पदों पर सर्वसम्मति से उम्मीदवार चुनने का प्रयास कर सकती है। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं तो चुनाव मतदान के माध्यम से होगा।

17 महीने से खाली हैं दोनों पद

नगर निगम सदन का गठन होने के बाद से सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी। इससे पहले भी चुनाव कराने के प्रयास किए गए, लेकिन अलग-अलग राजनीतिक और प्रशासनिक कारणों से प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अप्रैल में प्रस्तावित चुनाव भी महापौर की अनुपस्थिति के कारण स्थगित हो गया था।

लंबे समय तक चुनाव नहीं होने का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंच गया। नगर निगम ने अदालत को तय समय में चुनाव कराने का आश्वासन दिया था। अब 14 सितंबर को दोनों पदों पर चुनाव निर्धारित किया गया है। चुनाव कार्यक्रम पर न्यायिक कार्यवाही का दबाव भी माना जा रहा है।  

दोनों पद खाली रहने से नगर निगम की राजनीतिक और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। सदन में महापौर के बाद सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनकी अनुपस्थिति में निगम की विभिन्न समितियों और सदन की जिम्मेदारियों का प्रभावी तरीके से संचालन प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।

भाजपा के लिए सामाजिक संतुलन की चुनौती

भाजपा के सामने उम्मीदवारों का चयन करते समय जातीय, सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने की चुनौती है। चर्चा में दो यादव और दो अनुसूचित जाति वर्ग के पार्षद होने से संकेत मिल रहा है कि पार्टी दोनों पदों पर अलग-अलग समुदायों को प्रतिनिधित्व दे सकती है।

गुरुग्राम की स्थानीय राजनीति में यादव मतदाताओं का महत्वपूर्ण प्रभाव माना जाता है। वहीं अनुसूचित जाति वर्ग को प्रतिनिधित्व देकर भाजपा सामाजिक संतुलन का संदेश देना चाहेगी। उम्मीदवारों का चयन पार्षदों की वरिष्ठता, राजनीतिक अनुभव, संगठन से तालमेल और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के आधार पर किया जा सकता है।

दावेदारों के नाम सामने आने के बावजूद भाजपा ने आधिकारिक रूप से अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। इसलिए चारों संभावित नामों को केवल चर्चा में माना जा रहा है। पार्टी बैठक के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

एचआईपीए में होगी चुनाव प्रक्रिया

चुनाव के लिए सेक्टर-18 स्थित एचआईपीए में आवश्यक तैयारियां की गई हैं। पार्षद निर्धारित समय पर वहां पहुंचकर चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। नामांकन, उम्मीदवारों की घोषणा और जरूरत पड़ने पर मतदान की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी।

चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी के साथ प्रशासनिक स्तर पर भी व्यवस्था बनाई गई है। बैठक स्थल पर केवल अधिकृत लोगों को प्रवेश दिए जाने की संभावना है। चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद नगर निगम गुरुग्राम को लंबे इंतजार के बाद दोनों पदाधिकारी मिल जाएंगे।

मार्च 2025 में गठित नगर निगम सदन में भाजपा ने 36 में से 24 सीटें जीतकर बहुमत प्राप्त किया था। दस निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे, जबकि कांग्रेस और जननायक जनता पार्टी को एक-एक सीट मिली थी। इस संख्या बल के कारण भाजपा दोनों पदों पर मजबूत स्थिति में है।  

अब सभी की निगाहें गुरुकमल में होने वाली भाजपा कोर कमेटी की बैठक पर टिकी हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उम्मीदवारों पर सहमति बनने के बाद एचआईपीए में चुनाव प्रक्रिया पूरी होगी। चुनाव होने से नगर निगम के दोनों प्रमुख पदों का 17 महीने लंबा इंतजार समाप्त होने की उम्मीद है।