मनीषा मौत मामले में पंचायत का बड़ा ऐलान सुप्रीम कोर्ट तक लड़ने की ली शपथ
मनीषा मौत मामले में बढ़ा विवाद
भिवानी: हरियाणा के भिवानी की शिक्षिका मनीषा मौत मामले में न्याय की मांग को लेकर गांव ढाणी लक्ष्मण में आयोजित सर्व समाज पंचायत में बड़ा फैसला लिया गया। पंचायत में मनीषा के पिता संजय और परिवार ने शपथ लेते हुए कहा कि वे बेटी को न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। मनीषा मौत मामले में सीबीआई की ओर से दाखिल क्लोजर रिपोर्ट में मौत को आत्महत्या बताया गया है। रिपोर्ट के बाद परिवार ने इस निष्कर्ष पर असहमति जताई है और मामले की आगे कानूनी लड़ाई जारी रखने का फैसला किया है।
पंचायत में लिया गया बड़ा संकल्प
ढाणी लक्ष्मण में हुई सर्व समाज पंचायत में ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और मौजिज लोगों ने मनीषा के परिवार का साथ देने का ऐलान किया। पंचायत में तय किया गया कि परिवार को जब भी कानूनी या सामाजिक सहयोग की जरूरत होगी, समाज उनके साथ खड़ा रहेगा। पंचायत में मौजूद लोगों ने कहा कि न्याय की लड़ाई अब अदालत के माध्यम से आगे बढ़ाई जाएगी। परिवार ने भी साफ किया कि वे अंतिम स्तर तक जाकर अपनी मांग रखेंगे।
सीबीआई रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं परिवार
मनीषा के पिता संजय का कहना है कि वह सीबीआई की आत्महत्या वाली थ्योरी से सहमत नहीं हैं। उनका आरोप है कि उनकी बेटी के मामले में अभी कई सवालों के जवाब नहीं मिले हैं और वह न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेंगे। मामले में पहले भी परिवार और ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी। इसके बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।
क्या है पूरा मामला
मनीषा 11 अगस्त 2025 को घर से स्कूल के लिए निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। इसके बाद 13 अगस्त को उनका शव भिवानी जिले के एक खेत में मिला था। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भारी आक्रोश देखने को मिला था और परिवार ने हत्या की आशंका जताई थी। जांच के दौरान कई बार पोस्टमार्टम कराया गया और बाद में मामला सीबीआई को सौंपा गया। सीबीआई जांच के बाद अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें आत्महत्या का निष्कर्ष बताया गया।
अब अदालत में जारी रहेगी लड़ाई
पंचायत के फैसले के बाद अब मनीषा का परिवार कानूनी रास्ते से आगे बढ़ने की तैयारी में है। परिवार का कहना है कि वह अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग को लेकर हर संभव कदम उठाएगा। गांव और सामाजिक संगठनों ने भी परिवार के समर्थन में खड़े रहने की बात कही है। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।