आयुष्मान योजना के तहत इलाज रोकने का IMA का ऐलान, 45 करोड़ बकाया का दावा
Haryana हरियाणा: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने एक बार फिर आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों का इलाज रोकने का ऐलान किया है। संगठन के अनुसार, यह निर्णय 4 जून की रात या 5 जून की सुबह से लागू किया जा सकता है।
IMA की एक बैठक पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र मेहता के मेहता नर्सिंग होम में आयोजित की गई, जिसमें जिले के कई वरिष्ठ चिकित्सक शामिल हुए। बैठक के बाद डॉक्टरों ने बताया कि पिछले आठ महीनों से आयुष्मान योजना के तहत इलाज देने वाले अस्पतालों को भुगतान नहीं किया गया है।
चिकित्सकों का कहना है कि इस देरी के कारण निजी अस्पतालों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। उनका दावा है कि जिले के निजी अस्पतालों का कुल बकाया लगभग 45 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिसे अब तक सरकार या संबंधित एजेंसी द्वारा जारी नहीं किया गया है।
डॉक्टरों ने कहा कि लगातार भुगतान में देरी के कारण अस्पताल संचालन प्रभावित हो रहा है और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने में कठिनाई आ रही है। इस स्थिति को देखते हुए IMA ने यह कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया है।
संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक लंबित भुगतान जारी नहीं किया जाता, तब तक आयुष्मान योजना के तहत नई भर्ती मरीजों का इलाज अस्थायी रूप से बंद रहेगा। हालांकि आपातकालीन स्थिति को लेकर अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
IMA के प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागों को इस मुद्दे से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। डॉक्टरों ने यह भी कहा कि यदि जल्द भुगतान जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है।
इस घोषणा के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है, खासकर उन मरीजों पर जो आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
IMA की इस चेतावनी ने स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें प्रशासन की प्रतिक्रिया और अगले कदम पर टिकी हैं।