श्रावण में शिव भक्ति का शुभारंभ, आश्रम में शुरू हुआ महाअनुष्ठान

Update: 2026-07-30 12:25 GMT

पटीकरा। पवित्र श्रावण मास के शुभारंभ के अवसर पर गांव पटीकरा से शाहपुर दोयम मार्ग स्थित महंत तेजादास आश्रम परिसर में गुरुवार को धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ यहां पार्थिव शिवलिंग निर्माण महाअनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शिव की आराधना की और सुख-समृद्धि की कामना की।

महाअनुष्ठान का शुभारंभ आचार्य क्रांति निर्मल शास्त्री के सानिध्य में किया गया। उन्होंने वैदिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना करवाई और श्रद्धालुओं को श्रावण मास के महत्व के बारे में बताया।

विधि-विधान से हुआ पूजन

कार्यक्रम की शुरुआत में आचार्य क्रांति निर्मल शास्त्री ने यजमान विनोद कुमार, सुरेश सरपंच, सुरेंद्र सोढ़ी, रवीन्द्र कुमार, राजेंद्र जैलदार और जगजीत से विधिवत पूजन-अर्चन करवाया। मंत्रोच्चारण के बीच भगवान शिव का आह्वान किया गया और इसके बाद पार्थिव शिवलिंग निर्माण महाअनुष्ठान की शुरुआत हुई।

श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ पूजा में हिस्सा लिया। आश्रम परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा और भगवान शिव के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया।

श्रावण मास में शिव आराधना का विशेष महत्व

आचार्य क्रांति निर्मल शास्त्री ने बताया कि हिंदू धर्म में श्रावण मास को भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस महीने में शिव पूजा, अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है।

उन्होंने कहा कि पार्थिव शिवलिंग निर्माण और पूजन से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति मिलती है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए धार्मिक कार्यों से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

श्रद्धालुओं ने लिया अनुष्ठान में भाग

महाअनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया और भगवान शिव की पूजा की। श्रद्धालुओं ने जल, बेलपत्र, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।

आश्रम परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। लोगों ने पूजा में शामिल होकर परिवार की सुख-शांति और कल्याण की प्रार्थना की।

धार्मिक आयोजन से क्षेत्र में उत्साह

महंत तेजादास आश्रम में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र के लोगों में उत्साह देखा गया। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में धार्मिक भावना को मजबूत करने के साथ-साथ लोगों को एकजुट करने का काम करते हैं।

आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई थीं, ताकि उन्हें पूजा-अर्चना के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

पूरे श्रावण मास चलेगा धार्मिक कार्यक्रम

बताया गया कि पार्थिव शिवलिंग निर्माण महाअनुष्ठान श्रावण मास के दौरान धार्मिक विधियों के अनुसार जारी रहेगा। इस दौरान विभिन्न पूजा कार्यक्रमों और अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा।

आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने की अपील की है।

आस्था और भक्ति का केंद्र बना आश्रम

श्रावण मास के पहले दिन हुए इस आयोजन के साथ ही महंत तेजादास आश्रम क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की भक्ति में हिस्सा लेकर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया।

आयोजन के सफल शुभारंभ के बाद आश्रम प्रबंधन ने सभी श्रद्धालुओं और सहयोग करने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा-अर्चना से समाज में शांति, सद्भाव और सकारात्मकता का संदेश फैलता है।

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