Haryaana हरियाणा : हरियाणा की कुल स्थापित बिजली क्षमता (लगभग 16,227 मेगावाट) का लगभग 38.61% गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा से प्राप्त होता है। राज्य सरकार ने 2030 तक अपनी ऊर्जा मांग का 50% स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों से पूरा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जिसके लिए आवश्यक संस्थागत और नीतिगत ढाँचा पहले से ही मौजूद है। यह बात ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव श्यामल मिश्रा ने गुरुवार को एशिया लो कार्बन बिल्डिंग ट्रांजिशन (ALCBT) परियोजना पर एक कार्यशाला के दौरान कही। कार्यशाला का आयोजन नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग ने ग्लोबल ग्रीन ग्रोथ इंस्टीट्यूट (GGGI) के सहयोग से किया था।
विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि ऊर्जा संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान के लिए औद्योगिक इकाइयों, सरकारी भवनों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और शैक्षणिक संस्थानों को प्रमाण पत्र और नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। nमिश्रा ने बताया कि हरियाणा विद्युत निगमों ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अपने नवीकरणीय क्रय दायित्व (आरपीओ) लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया है, और 2029-30 के लिए निर्धारित 43.33% आरपीओ लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक योजनाएँ और समझौते पहले से ही प्रगति पर हैं। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा निदेशक आदित्य दहिया ने कहा कि हरेडा ने एशिया लो कार्बन बिल्डिंग ट्रांजिशन प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन के लिए जीजीजीआई के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे पाँच एशियाई देशों - कंबोडिया, भारत, इंडोनेशिया, थाईलैंड और वियतनाम - में क्रियान्वित किया जा रहा है, जिसमें हरियाणा, केरल और उत्तर प्रदेश भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।