हरियाणा Haryana : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आज कहा कि हिसार और करनाल के हवाई अड्डे भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गए हैं। भाजपा सरकार ने कांग्रेस कार्यकाल में स्वीकृत इन हवाई अड्डों के निर्माण में न केवल देरी की, बल्कि करोड़ों रुपये का घोटाला भी किया। उन्होंने कहा कि परियोजना में घोटाले की हद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हवाई अड्डे की चारदीवारी बिना नींव के ही बना दी गई। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय ही अगस्त 2013 में हिसार और करनाल में मौजूदा हवाई पट्टियों को घरेलू हवाई अड्डों के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी गई थी। उन्होंने कहा, "इससे पहले, अक्टूबर 2012 में भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) और हरियाणा सरकार द्वारा एक संयुक्त व्यवहार्यता अध्ययन किया गया था और एएआई द्वारा एक व्यवहार्यता
रिपोर्ट तैयार की गई थी। हरियाणा सरकार ने एएआई की मांग के अनुसार हिसार और करनाल हवाई पट्टियों के उन्नयन के लिए एएआई को आवश्यक भूमि की पेशकश की।" उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र में सरकार बदलने के बाद जुलाई 2015 की पीआईबी विज्ञप्ति से स्पष्ट है कि तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री सिद्धेश्वर ने भी कांग्रेस सरकार की योजना को स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि जिन 50 स्थानों पर छोटे हवाई अड्डे विकसित किए जाने थे, उनमें हिसार और करनाल हवाई पट्टियों की पहचान की गई थी, लेकिन भाजपा सरकार ने तब से इस परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल रखा है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि इतने सालों से लंबित इस परियोजना को पूरा करने के बजाय भाजपा और भाजपा-जजपा सरकारों का पूरा ध्यान घोटाले को अंजाम देने पर था। हिसार हवाई अड्डे की चारदीवारी के निर्माण में 180 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार से सरकार की मंशा उजागर हो गई है।
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