हरियाणा Haryana : चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू), सिरसा के कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग ने हाल ही में "साइबर स्वच्छता: सावधानी एवं सतर्कता की ओर एक कदम" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों में विभिन्न प्रकार के साइबर हमलों, साइबर अपराधों की प्रकृति, उनसे खुद को बचाने के तरीकों और साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। कार्यशाला की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष हरीश रोहिल ने की। कार्यशाला की आयोजन सचिव डॉ. सुमन कासनिया थीं, जबकि समन्वय डॉ. कुलदीप ने किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विक्रम सिंह ने आज के डिजिटल युग में साइबर हमलों की बढ़ती जटिलता पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए साइबर स्वच्छता को समझने और उसका
अभ्यास करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध न केवल वित्तीय नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि व्यक्तिगत गोपनीयता और प्रतिष्ठा को भी खतरा पहुंचाते हैं। उन्होंने सभी से डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सावधानी बरतने और साइबर अपराधों के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और विशेषज्ञ वक्ता सिकंदर ने साइबर सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ कुलदीप जांडू ने साइबर अपराधों से निपटने के लिए कानूनी रणनीति साझा की। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा प्रकाशित "उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए साइबर स्वच्छता की मूल बातें" नामक पुस्तिका की सॉफ्ट-कॉपी सभी प्रतिभागियों के साथ साझा की गई। कार्यशाला में प्रोफेसरों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।