Faridabad: खाते में आए ठगी के 30 लाख, अजमेर की महिला गिरफ्तार
"कमीशन के लालच में इसने ऋषिकेश के जरिये साइबर ठगों को बैंक खाता बेचा था"
फरीदाबाद: केंद्रीय श्रम मंत्रालय की सेवानिवृत्त महिला अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर 40 लाख की ठगी में से 30 लाख रुपये राजस्थान अजमेर की दाई मां के खाते में गए थे। साइबर क्राइम थाना एनआईटी की टीम ने दाई मां का काम करने वाली महिला सुनीता को गिरफ्तार किया है। सुनीता ने एमए की पढ़ाई की हुई है। पूछताछ में बताया कि कमीशन के लालच में इसने ऋषिकेश के जरिये साइबर ठगों को बैंक खाता बेचा था।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि ऋषिकेश सहित 5 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब महिला सुनीता को अदालत में पेश कर 4 दिन के रिमांड पर लेकर टीम पूछताछ कर रही है।
साइबर क्राइम थाना एनआईटी पुलिस को 10 जनवरी 2025 को साइबर पोर्टल के माध्यम से फरीदाबाद की ग्रीन वैली में रहने वाली एक महिला से हुई ठगी की शिकायत मिली। महिला ने बताया कि वो केंद्रीय श्रम मंत्रालय से सेवानिवृत्त हैं। उनके नंबर पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई कर्मचारी बताया और आपकी आईडी पर जारी सिम नंबर से लोगों को कॉल कर जबरन वसूली की जा रही है। फिर कॉल को पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया।
पुलिसकर्मी बनकर बात करने वाले ने महिला को कहा कि आपके आधार नंबर का उपयोग केनरा बैंक मुंबई में एक खाता खोलने के लिए किया गया है। इस खाते में लगभग 6 करोड़ का अवैध लेनदेन किया गया है। ठगों ने महिला पर दबाव बनाते हुए कहा कि आपके विरुद्ध एक व्यक्ति ने शिकायत दे रखी है और आपके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, कि आपके खाते में अवैध धन आया है। इन अवैध गतिविधियों पर मुंबई में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए गए हैं और संपत्ति जब्ती के लिए भी वारंट जारी किये हैं। आरोपियों ने महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 11 से 29 नवंबर 2024 तक 40 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।