दिल्ली के मेवा-मसाला कारोबार को मिलेगी नई पहचान, KMP के पास तैयार हो रहा विशाल बाजार

KMP एक्सप्रेसवे के नजदीक विकसित होगा मेवा और मसालों का नया हब, कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

Update: 2026-07-31 01:33 GMT

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पारंपरिक मेवा और मसाला कारोबार को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के पास मेवे और मसालों के कारोबार के लिए एक नया और आधुनिक बाजार विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली के भीड़भाड़ वाले थोक बाजारों पर दबाव कम करना, व्यापारियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और लॉजिस्टिक्स को अधिक सुगम बनाना है।

प्रस्तावित बाजार में मेवा, मसाले, सूखे फल और संबंधित उत्पादों के थोक कारोबार के लिए आधुनिक दुकानें, गोदाम, पार्किंग, लोडिंग-अनलोडिंग क्षेत्र और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके तैयार होने के बाद देशभर से आने वाले व्यापारियों और खरीदारों को एक व्यवस्थित व्यापारिक केंद्र मिलेगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया बाजार
नई मंडी को आधुनिक व्यावसायिक जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। यहां चौड़ी सड़कें, पर्याप्त पार्किंग, बड़े गोदाम, आधुनिक वेयरहाउस, अग्निशमन व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और बेहतर सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके अलावा ट्रकों और मालवाहक वाहनों के लिए अलग से प्रवेश और निकास मार्ग बनाए जाएंगे, जिससे माल की ढुलाई में आसानी होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी।
व्यापारियों को मिलेगा बड़ा फायदा
दिल्ली के खारी बावली और अन्य पारंपरिक थोक बाजारों में लंबे समय से जगह की कमी, ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या बनी हुई है। नया बाजार बनने से व्यापारियों को अधिक व्यवस्थित वातावरण मिलेगा और कारोबार का विस्तार करने में आसानी होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक वेयरहाउस और बेहतर लॉजिस्टिक्स व्यवस्था से माल की आवाजाही तेज होगी, जिससे परिवहन लागत और समय दोनों में कमी आएगी।
KMP एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी
केएमपी एक्सप्रेसवे के पास बाजार विकसित होने से हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और अन्य राज्यों से आने वाले व्यापारियों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी। एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ाव के कारण भारी वाहनों को दिल्ली शहर के अंदर प्रवेश किए बिना ही बाजार तक पहुंचने में सुविधा होगी।
इससे दिल्ली के भीतर भारी वाहनों का दबाव भी कम होगा और शहर में ट्रैफिक प्रबंधन को भी मदद मिलेगी।
कृषि और खाद्य कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
मेवा और मसालों का कारोबार देश के कृषि और खाद्य क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नया बाजार बनने से आयातकों, निर्यातकों, थोक व्यापारियों और प्रसंस्करण इकाइयों को एकीकृत व्यापारिक प्लेटफॉर्म मिलेगा। इससे कारोबार में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार का लक्ष्य खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाना और व्यापार को आधुनिक बुनियादी ढांचे से जोड़ना है।
रोजगार के नए अवसर
इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। निर्माण कार्य, परिवहन, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, लोडिंग-अनलोडिंग और खुदरा व्यापार से जुड़े हजारों लोगों को इसका लाभ मिलने की संभावना है।
साथ ही आसपास के क्षेत्रों में होटल, रेस्तरां, परिवहन और अन्य सेवा क्षेत्रों का भी विकास होने की उम्मीद है।
चरणबद्ध तरीके से होगा विकास
अधिकारियों के अनुसार, बाजार का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। बुनियादी ढांचे के निर्माण के साथ व्यापारियों के लिए आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। परियोजना पूरी होने के बाद व्यापारियों को आधुनिक और सुव्यवस्थित व्यावसायिक परिसर उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार का मानना है कि यह नया बाजार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के सबसे प्रमुख थोक व्यापार केंद्रों में शामिल हो सकता है और मेवा तथा मसाला कारोबार को नई दिशा देगा।
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