CDLU के छात्र मनदीप सिंह ने CM नायब सिंह सैनी को भेंट की हाथ से बनी जैकेट
सिरसा। चौधरी देवी लाल यूनिवर्सिटी (CDLU), सिरसा के छात्र और युवा उद्यमी मनदीप सिंह ने अपने हुनर और रचनात्मक सोच से विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में आयोजित ‘Gen-H स्टार्टअप प्रोग्राम: युवा उद्यमी चौपाल’ में मनदीप को अपने स्टार्टअप और उत्पाद को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अपने स्टार्टअप की ओर से तैयार की गई एक हाथ से बनी जैकेट भेंट की।
मुख्यमंत्री ने मनदीप द्वारा तैयार जैकेट को खुशी के साथ स्वीकार किया और उनकी रचनात्मकता, हुनर तथा उद्यमी सोच की सराहना की। इस मौके ने न केवल मनदीप को प्रोत्साहित किया, बल्कि उनके लिए अपने काम को बड़े मंच पर प्रस्तुत करने का भी महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराया।
स्टार्टअप के जरिए हुनर को पहचान
मनदीप सिंह CDLU के MSc फैशन डिजाइनिंग और लाइफस्टाइल टेक्सटाइल्स (FDLT) कार्यक्रम के छात्र हैं। पढ़ाई के साथ-साथ वह अपने रचनात्मक कौशल को स्टार्टअप के माध्यम से व्यावसायिक रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं।
फैशन डिजाइनिंग और टेक्सटाइल्स के क्षेत्र में हाथ से तैयार किए गए उत्पादों की अपनी अलग पहचान है। मनदीप ने इसी क्षेत्र में अपनी रुचि और कौशल को आगे बढ़ाते हुए हाथ से बनी जैकेट तैयार की। मुख्यमंत्री को यह जैकेट भेंट करना उनके लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।
‘युवा उद्यमी चौपाल’ जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपने विचारों और उत्पादों को विशेषज्ञों, उद्योग जगत तथा नीति-निर्माताओं के सामने रखने का अवसर देते हैं। इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलती है कि किसी रचनात्मक विचार को किस तरह व्यावसायिक मॉडल में बदला जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में मनदीप ने जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अपने स्टार्टअप की बनाई हाथ से बनी जैकेट भेंट की, तो मुख्यमंत्री ने उनके काम की सराहना की। उन्होंने मनदीप की क्रिएटिविटी और उद्यमी सोच को प्रोत्साहित किया।
मुख्यमंत्री के स्तर से मिली यह सराहना मनदीप जैसे युवा उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे छात्रों को अपने हुनर को आगे बढ़ाने और नए प्रयोग करने का आत्मविश्वास मिलता है।
कार्यक्रम में मौजूद अन्य प्रतिभागियों और विद्यार्थियों के लिए भी यह उदाहरण रहा कि उच्च शिक्षा के दौरान केवल अकादमिक उपलब्धियों पर ध्यान देने के बजाय अपने कौशल को व्यावहारिक रूप देकर उद्यमिता की दिशा में भी कदम बढ़ाया जा सकता है।
VC ने दी बधाई
CDLU के वाइस-चांसलर प्रो. विजय कुमार ने मनदीप सिंह को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को केवल नौकरी हासिल करने के लिए तैयार करना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसे अवसर उपलब्ध कराना भी है, जिनसे वे भविष्य में रोजगार देने वाले उद्यमी बन सकें।
उन्होंने कहा कि मनदीप की सफलता विश्वविद्यालय के दूसरे विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है। छात्रों में प्रतिभा और नए विचारों की कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अपने विचारों को आजमाने के लिए उचित मंच मिले।
प्रो. विजय कुमार ने कहा कि मनदीप की उपलब्धि यह दिखाती है कि यदि छात्र अपने हुनर और विचार को गंभीरता से आगे बढ़ाएं तो वे उसे सफल व्यवसाय में बदल सकते हैं।
रोजगार देने वाले युवा तैयार करने पर जोर
आज के दौर में उच्च शिक्षा संस्थानों के सामने एक बड़ी चुनौती विद्यार्थियों को बदलते रोजगार बाजार के लिए तैयार करना है। केवल डिग्री हासिल करने के बाद नौकरी की तलाश करने के बजाय युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों की ओर भी प्रेरित किया जा रहा है।
CDLU की ओर से मनदीप की उपलब्धि को इसी दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है। फैशन डिजाइनिंग और टेक्सटाइल्स जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार और व्यवसाय की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
हैंडमेड उत्पादों, डिजाइन, टेक्सटाइल, फैशन और लाइफस्टाइल से जुड़े व्यवसायों में रचनात्मकता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। युवा अपने स्थानीय कौशल और आधुनिक डिजाइन को जोड़कर नए उत्पाद तैयार कर सकते हैं और उन्हें बड़े बाजार तक पहुंचा सकते हैं।
अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा
मनदीप सिंह की उपलब्धि से CDLU के अन्य छात्रों को भी अपने हुनर और विचारों पर काम करने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपने रचनात्मक कौशल को विकसित करने और व्यावहारिक अनुभव हासिल करने के अवसर मिलते रहने चाहिए।
‘Gen-H स्टार्टअप प्रोग्राम: युवा उद्यमी चौपाल’ जैसे मंच इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे कार्यक्रम छात्रों को नेटवर्किंग, प्रस्तुति और उद्यमिता के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराने में मदद करते हैं।
मनदीप द्वारा मुख्यमंत्री को जैकेट भेंट करने की उपलब्धि ने यह भी दिखाया कि विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले युवा केवल अकादमिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं। वे डिजाइन, तकनीक, कारोबार और रचनात्मक उद्योगों में भी अपनी पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं।
हुनर से कारोबार तक का सफर
मनदीप सिंह की कहानी उन युवाओं के लिए भी संदेश देती है जो अपने कौशल को व्यवसाय में बदलने का सपना देखते हैं। किसी उत्पाद को तैयार करने के लिए रचनात्मकता के साथ गुणवत्ता, बाजार की जरूरत और उद्यमी दृष्टिकोण भी जरूरी होता है।
CDLU प्रशासन की ओर से मिली सराहना से मनदीप के प्रयासों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री के सामने अपने उत्पाद को प्रस्तुत करने का अवसर उनके लिए भविष्य में नए संपर्क और संभावनाओं के रास्ते खोल सकता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी संकेत दिया है कि वह विद्यार्थियों को ऐसे अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयास जारी रखेगा, ताकि वे अपनी प्रतिभा को पहचानें और उसे रोजगार तथा व्यवसाय के अवसरों में बदल सकें।
मनदीप सिंह की उपलब्धि ने एक बार फिर यह साबित किया है कि उच्च शिक्षा के दौरान यदि छात्रों को सही मंच और प्रोत्साहन मिले, तो वे अपने हुनर को पहचान दिलाने के साथ-साथ उद्यमिता की राह भी चुन सकते हैं। उनकी हाथ से बनी जैकेट अब केवल एक डिजाइन उत्पाद नहीं, बल्कि युवा प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदम का उदाहरण बन गई है।