हिसार: हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष एवं हरियाणा कॉन्फेड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने प्रदेश की मंडियों में धान की खरीद और उठान की धीमी रफ्तार पर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि मंडियों में धान की आवक लगातार जारी है, लेकिन समय पर खरीद और उठान नहीं होने से अनाज मंडियां फसल से अटी पड़ी हैं। इससे किसानों और आढ़तियों में सरकार के प्रति भारी नाराजगी है।

रविवार को उकलाना मंडी में किसानों और आढ़तियों से बातचीत कर खरीद व्यवस्था का जायजा लेने के बाद बजरंग गर्ग ने कहा कि प्रदेश में तीन बार हुई बारिश से धान और बाजरे की फसल को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इसके बावजूद सरकार मंडियों में खरीद और उठान की व्यवस्था दुरुस्त करने में नाकाम रही है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि अपने वादे के अनुरूप धान की खरीद और उठान में तत्काल तेजी लाई जाए, ताकि किसानों को फसल बेचने के लिए इंतजार और परेशानी न झेलनी पड़े। गर्ग ने कहा कि सरकारी नीतियों और खरीद प्रक्रिया में देरी के कारण किसान और आढ़ती दोनों परेशान हैं। किसान दिन-रात मेहनत कर अनाज पैदा करता है, लेकिन सरकारी खरीद में बार-बार होने वाली देरी उसे आर्थिक और मानसिक संकट में डाल देती है। सरकार को फसल की समयबद्ध खरीद, उठान और भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए।

आढ़तियों का कमीशन घटाने पर भी उठाए सवाल

बजरंग गर्ग ने आढ़तियों के कमीशन में कटौती को भी अनुचित बताते हुए सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि धान और गेहूं की खरीद पर आढ़तियों का कमीशन कम करके उनके साथ अन्याय किया गया है। पिछले 30 वर्षों से सरकारी खरीद पर आढ़तियों को ढाई प्रतिशत कमीशन मिलता रहा है, जबकि इस अवधि में महंगाई दो से तीन गुना तक बढ़ गई है।

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में कमीशन बढ़ाने के बजाय घटाना आढ़तियों के हितों के खिलाफ है। गर्ग ने सरकार से मांग की कि अनाज की प्रत्येक सरकारी खरीद पर आढ़तियों को पहले की तरह पूरा ढाई प्रतिशत कमीशन दिया जाए।

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