असिम घोष ने PGI चंडीगढ़ में NAMS के 65वें दीक्षांत समारोह में डॉक्टरों की सामाजिक सेवा पर जताई अहमियत
Chandigarh चंडीगढ़: हरियाणा के राज्यपाल असिम घोष ने शनिवार को PGI चंडीगढ़ में राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान अकादमी (NAMS) के 65वें दीक्षांत समारोह में शिरकत की। इस अवसर पर नए डॉक्टरों और मेडिकल विशेषज्ञों को उनकी योग्यताएँ प्रदान की गईं और उन्हें समाज में अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया। राज्यपाल असिम घोष ने अपने संबोधन में कहा कि डॉक्टरों की भूमिका केवल रोगियों के इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने और लोगों की भलाई के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने नए डॉक्टर्स से अपील की कि वे न केवल चिकित्सा ज्ञान का उपयोग करें बल्कि मानवता और करुणा के सिद्धांतों के साथ अपने पेशेवर जीवन को आगे बढ़ाएँ।
दीक्षांत समारोह में हजारों मेडिकल छात्रों, प्रोफेसरों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। इस मौके पर डॉक्टरों और विशेषज्ञों को सर्टिफिकेट, डिग्री और अन्य सम्मान प्रदान किए गए। PGI चंडीगढ़ के निदेशक ने भी छात्रों को अपने संबोधन में स्वास्थ्य सेवा में उत्कृष्टता और नैतिकता का महत्व बताया। राज्यपाल ने कहा कि चिकित्सा पेशे में सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि समाज की सेवा और रोगियों के प्रति समर्पण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों और नवाचारों का उपयोग करते हुए डॉक्टरों को रोगियों के लिए उत्तम देखभाल और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करनी चाहिए।
समारोह के दौरान छात्रों और विशेषज्ञों ने भी अपने अनुभव साझा किए और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा की। कार्यक्रम में सामाजिक स्वास्थ्य, चिकित्सा अनुसंधान और समुदाय सेवा के विभिन्न पहलुओं पर जोर दिया गया। असिम घोष ने इस अवसर पर यह भी कहा कि डॉक्टरों की मेहनत और समर्पण ही समाज में स्वास्थ्य सुधार और बेहतर जीवन सुनिश्चित करने में सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने नये डॉक्टर्स को अपने करियर में नैतिकता, समर्पण और पेशेवर उत्कृष्टता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।