Gurugram गुरुग्राम में लंबे समय से अटके सिविल हॉस्पिटल प्रोजेक्ट की काम करने वाली एजेंसी एक बार फिर बदलने वाली है। हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HSIIDC) को यह काम सौंपे हुए अभी चार महीने ही हुए थे कि अब इसे वहां से हटाने की बात हो रही है, जिससे इसके बनने के समय को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने शहर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए इस बदलाव की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि शुरू में यह प्रोजेक्ट सेंट्रल पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट (CPWD) को सौंपा गया था, लेकिन काम के बोझ के कारण उन्होंने इसे करने में असमर्थता जताई। इसके बाद इसे HSIIDC को ट्रांसफर कर दिया गया, लेकिन अब इसे वहां से भी हटाया जा रहा है।
मंत्री ने राव नरबीर सिंह के खेमे के लोगों पर अस्पताल को सेक्टर 10 से द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे इलाकों में शिफ्ट करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए पर्दे के पीछे से काम कर रहे हैं ताकि काम करने वाली एजेंसी को बदला जा सके और प्रोजेक्ट को पटरी से उतारा जा सके। उन्होंने कहा, "कई लोग ऐसे हैं जो इस सिविल हॉस्पिटल को द्वारका एक्सप्रेसवे जैसी जगहों पर शिफ्ट करवाने की कोशिश कर रहे हैं।"
आरती राव ने कहा कि वह और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि अस्पताल सेक्टर 10 में ही रहे, क्योंकि यह सुविधा शहर के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा, "यहीं गरीब लोग रहते हैं और असल में उन्हें ही इससे फायदा होगा।" साथ ही, उन्होंने राजनीतिक नेताओं से अपील की कि वे लंबे समय से अटके इस प्रोजेक्ट का राजनीतिकरण न करें। राव नरबीर सिंह टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे। उनके एक करीबी सहयोगी ने बताया कि वह भी चाहते हैं कि अस्पताल जल्द से जल्द बने।