हरियाणा Haryana : हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत निर्धारित शर्तों का पालन न करने पर यमुनानगर जिले में 55 स्टोन क्रशरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ये इकाइयां जुलाई 2023 में जारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पर्यावरण दिशा-निर्देशों और हरियाणा सरकार की 11 मई, 2016 की अधिसूचना का भी उल्लंघन करती पाई गईं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने साइटिंग मानदंडों और पर्यावरण मानदंडों के अनुपालन के लिए इन इकाइयों का निरीक्षण करने के लिए सीपीसीबी, एचएसपीसीबी, जिला वन कार्यालय और यमुनानगर के जिला मजिस्ट्रेट के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त समिति गठित की थी। समिति के निरीक्षण में 55 स्टोन क्रशिंग इकाइयों में कई कमियां सामने आईं। यमुनानगर के एचएसपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी वीरेंद्र सिंह पुनिया ने कहा: "इन इकाइयों ने द्वितीयक और तृतीयक क्रशरों पर बैग फिल्टर और साइक्लोन सहित शुष्क निष्कर्षण प्रणाली स्थापित नहीं
की थी; नोड से नोड तक कन्वेयर बेल्ट को उपयुक्त सामग्री की मोटी शीट से नहीं ढका था; डिस्चार्ज पॉइंट के शीर्ष से ग्राउंड लेवल तक लचीली टेलीस्कोपिक ढलान प्रदान नहीं की और परिधि के साथ क्रशर के उच्चतम नोड से तीन फीट ऊंची हवा-रोधी दीवार का निर्माण नहीं किया।" अन्य उल्लंघनों में परिसर के भीतर उचित सड़कों, रैंप, ग्राउंड रखरखाव की कमी, धूल को दबाने के लिए घूमने वाले पानी के छिड़काव प्रणाली, फॉगर या एंटी-स्मॉग गन की अनुपस्थिति, क्रशिंग इकाइयों की परिधि के आसपास ऊंचे पेड़ों की दो-तीन पंक्तियाँ लगाने में विफलता, प्रदूषण नियंत्रण उपायों के लिए ऊर्जा खपत की प्रति घंटे लॉगबुक नहीं रखना और छिड़काव प्रणाली के नियमित संचालन की निगरानी के लिए एक अलग ऊर्जा मीटर के साथ इंटरलॉकिंग सिस्टम की कमी शामिल है। एचएसपीसीबी ने इन कमियों को दूर करने में विफल रहने पर दोषियों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुनिया ने कहा, "यदि ये इकाइयां कमियों को दूर करने में विफल रहती हैं, तो उन्हें पर्यावरण क्षतिपूर्ति, बंद करने और अभियोजन का सामना करना पड़ सकता है।"