अहमदाबाद। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद गुजरात के कम से कम 18 लोगों के लापता होने की खबर सामने आई है। राज्य सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, लापता लोगों में 14 ऐसे लोग शामिल हैं, जिनके पास विदेशी नागरिकता है और वे कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे।
नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। कई सड़कें, पुल और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिसके कारण वहां मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
कई जिलों के लोग लापता
राज्य सरकार के अनुसार, नेपाल बाढ़ के बाद लापता लोगों में गुजरात के कई जिलों के निवासी शामिल हैं।
इनमें अहमदाबाद, वडोदरा, आणंद, राजकोट, वलसाड, खेड़ा, अमरेली और गांधीनगर जैसे शहरों के लोग शामिल बताए जा रहे हैं।
लापता लोगों के परिवारों में चिंता का माहौल है और वे लगातार प्रशासन से अपने परिजनों की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे यात्री
जानकारी के मुताबिक, लापता हुए 14 लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल पहुंचे थे।
यह सभी यात्री धार्मिक यात्रा के तहत हिमालयी क्षेत्र में गए थे। यात्रा के दौरान नेपाल में अचानक मौसम खराब हुआ और बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई।
इसके बाद कई यात्रियों का संपर्क अपने परिवारों से टूट गया।
बाढ़ से पहले हुई थी आखिरी बातचीत
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के आंकड़ों के अनुसार, कई लापता लोगों ने बाढ़ आने से कुछ घंटे पहले अपने परिवार और रिश्तेदारों से बातचीत की थी।
इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
परिवारों ने जब काफी समय तक कोई जानकारी नहीं मिली तो स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार से संपर्क किया।
प्रशासन जुटा रहा जानकारी
गुजरात सरकार और संबंधित विभाग नेपाल प्रशासन के संपर्क में हैं।
लापता लोगों की स्थिति का पता लगाने के लिए जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि नेपाल में प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण राहत और बचाव कार्यों में कठिनाई आ रही है।
परिवारों में बढ़ी चिंता
लापता लोगों के परिवार लगातार अपने परिजनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।
कई परिवारों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि जब तक उनके रिश्तेदारों से संपर्क नहीं हो जाता, तब तक उनकी चिंता कम नहीं होगी।
नेपाल में जारी है राहत अभियान
नेपाल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत अभियान चलाया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और राहत दल प्रभावित लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
भारत सरकार भी नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए प्रयास कर रही है।
कठिन भौगोलिक परिस्थितियां बनी चुनौती
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में अचानक आई बाढ़ के कारण हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
कई स्थानों पर भूस्खलन और सड़क मार्ग बंद होने से बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।
संचार नेटवर्क प्रभावित होने से लोगों की सही स्थिति का पता लगाने में भी देरी हो रही है।
सरकार ने लोगों से धैर्य रखने की अपील की
प्रशासन ने लापता लोगों के परिवारों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
अधिकारियों का कहना है कि सभी संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लापता लोगों की तलाश के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
सुरक्षित वापसी की उम्मीद
नेपाल में फंसे गुजरात के लोगों के परिवारों को उम्मीद है कि जल्द ही उनके परिजनों की सुरक्षित जानकारी मिल सकेगी।
फिलहाल प्रशासन नेपाल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत एवं बचाव एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा है।