अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर अहमदाबाद के कांकरिया इलाके में अनुपम ब्रिज स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, अहमदाबाद नगर निगम के पदाधिकारी और अधिकारी मौजूद रहे। देशभर में शुक्रवार, 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।श्रद्धांजलि समारोह के दौरान गुजरात के ऊर्जा एवं जिले के प्रभारी मंत्री रुशिकेश पटेल और शहरी विकास राज्य मंत्री दर्शना वाघेला भी उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को पुष्प अर्पित कर उनके योगदान और विचारों को याद किया।
कार्यक्रम में अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट, पूर्व मंत्री ब्रिजेश मेरजा, सांसद दिनेश मकवाना, शहर अध्यक्ष प्रेरक शाह, विधायक अमूल भट्ट, अमित शाह और अमित ठाकेर मौजूद रहे। इसके अलावा उप महापौर अंजू शाह और स्थायी समिति के अध्यक्ष कमलेश पटेल ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।श्रद्धांजलि कार्यक्रम में नगर निगम प्रशासन की भी भागीदारी रही। नगर निगम आयुक्त बंछानिधि पाणि के साथ स्थानीय नगरसेवक, नगर निगम के पदाधिकारी और अन्य अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सभी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के नगला चंद्रभान गांव में हुआ था। वे भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे और 'एकात्म मानववाद' तथा 'अंत्योदय' से जुड़े अपने विचारों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने भारतीय जनसंघ के संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बाद में संगठन के अध्यक्ष भी बने।पंडित दीनदयाल उपाध्याय के राजनीतिक और सामाजिक चिंतन में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान पर विशेष जोर दिया गया। 'अंत्योदय' की अवधारणा इसी सोच से जुड़ी है। 25 सितंबर 2026 को उनकी जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उपाध्याय ने समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को राष्ट्र निर्माण का आधार माना था।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी जयंती के अवसर पर अपने संदेश में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 'अंत्योदय' और 'एकात्म मानव दर्शन' से जुड़े विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विकास और कल्याण का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की सोच आज भी शासन और नीतियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।अहमदाबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और नगर निगम से जुड़े पदाधिकारियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनके जीवन, सार्वजनिक योगदान और विचारों को याद करना था।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय राजनीति में संगठनकर्ता और विचारक के रूप में पहचाने जाते हैं। उन्होंने पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में भी काम किया। उनके जीवन से संबंधित आधिकारिक जीवनी के अनुसार उन्होंने लखनऊ में 'राष्ट्र धर्म प्रकाशन' की स्थापना की और 'राष्ट्र धर्म', 'पांचजन्य' तथा 'स्वदेश' जैसे प्रकाशनों से भी जुड़े रहे।उनकी जयंती पर शुक्रवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें याद किया। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में 'अंत्योदय' का उल्लेख करते हुए समाज के वंचित वर्ग के उत्थान से जुड़े उनके विचारों को रेखांकित किया।अहमदाबाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की मौजूदगी में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में राज्य सरकार, नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने एक साथ पंडित दीनदयाल उपाध्याय को नमन किया। अनुपम ब्रिज पर आयोजित कार्यक्रम में पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ उनके जीवन और विचारों को याद किया गया।
Tags: