एकता नगर में अब हर मौसम में बारिश का मजा पीएम मोदी करेंगे ‘रेन फॉरेस्ट’ का उद्घाटन
गुजरात : 29 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर गुजरात के नर्मदा जिले स्थित एकता नगर को पर्यटन विकास की बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास विकसित किए गए अत्याधुनिक 'रेन फॉरेस्ट' प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत कांच से बना आकर्षक ग्लास स्काईवॉक है, जहां पर्यटक ऊंचाई से प्राकृतिक सुंदरता और कृत्रिम बारिश का अनुभव कर सकेंगे। इस परियोजना का उद्देश्य एकता नगर को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में और अधिक आकर्षक बनाना है।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रेन फॉरेस्ट परियोजना लगभग 12 एकड़ क्षेत्र में विकसित की गई है और इसकी लागत करीब 12 करोड़ रुपये बताई गई है। हालांकि, कुछ विवरणों में परियोजना की लागत 9.49 करोड़ रुपये और स्काईवॉक की लंबाई 220 मीटर बताई जा रही है। उपलब्ध विस्तृत रिपोर्टों में इन दोनों आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, स्काईवॉक की संरचना 22 मीटर व्यास की गोलाकार बनावट वाली है।
31 अक्टूबर को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुजरात दौरा 30 और 31 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इस दौरान वे एकता नगर में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। कार्यक्रम को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह से जोड़ा गया है।एकता नगर में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें रेन फॉरेस्ट, ग्लास स्काईवॉक, इको-ट्रेल, आधुनिक परिवहन व्यवस्था और पर्यटकों के लिए अन्य सुविधाएं शामिल हैं।प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटकों और अतिथियों के पहुंचने की संभावना है।
12 एकड़ में विकसित हुआ शानदार रेन फॉरेस्ट
एकता नगर में न्यू गोरा ब्रिज और कोकोनट ट्री गार्डन के पास रेन फॉरेस्ट परियोजना विकसित की गई है। यह स्थान स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।इस परियोजना की खासियत यह है कि यहां पर्यटक सालभर बारिश जैसा वातावरण महसूस कर सकेंगे। प्राकृतिक जंगल का अनुभव देने के लिए विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे, कृत्रिम झरने, फव्वारे और हरियाली विकसित की गई है।परियोजना में देश के अलग-अलग हिस्सों में पाए जाने वाले पेड़ों को भी शामिल करने की योजना है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को भारत की प्राकृतिक विविधता से परिचित कराना है।रेन फॉरेस्ट में प्रवेश करने वाले लोगों को ऐसा अनुभव देने का प्रयास किया गया है, मानो वे किसी घने वर्षावन में घूम रहे हों।
ग्लास स्काईवॉक बनेगा पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र
रेन फॉरेस्ट परियोजना का सबसे रोमांचक हिस्सा ग्लास स्काईवॉक है। इसे विशेष प्रकार के मजबूत और पारदर्शी कांच से तैयार किया गया है।रिपोर्टों के मुताबिक, इस गोलाकार संरचना में 35 मिलीमीटर मोटाई वाले 132 ग्लास पैनल लगाए जा रहे हैं। स्काईवॉक जमीन से लगभग 11 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।इसका व्यास करीब 22 मीटर बताया गया है। इसके निर्माण में इस्तेमाल विशेष कांच को जर्मनी से मंगाए जाने और अहमदाबाद में आकार देने की जानकारी सामने आई है।कांच के पैनलों को ऊंचाई तक पहुंचाने और निर्धारित स्थान पर लगाने के लिए विशेष क्रेन और तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया गया है।स्काईवॉक पर चलते हुए पर्यटक अपने पैरों के नीचे का दृश्य देख सकेंगे। इससे उन्हें ऊंचाई पर चलने का रोमांचक अनुभव मिलेगा।
गर्मियों में भी मिलेगा बारिश का आनंद
रेन फॉरेस्ट की एक और प्रमुख विशेषता कृत्रिम बारिश की व्यवस्था है। इसके लिए परियोजना में 20 रेन-गन टावर लगाए गए हैं।इन टावरों की सहायता से निर्धारित क्षेत्रों में पानी की बौछारों के माध्यम से बारिश जैसा वातावरण तैयार किया जाएगा।परियोजना के भीतर तापमान लगभग 25 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच बनाए रखने की योजना है, जिससे गर्मियों के दौरान भी पर्यटकों को आरामदायक वातावरण मिल सके।इसके अतिरिक्त आकर्षक झरने और बबल फाउंटेन भी लगाए गए हैं। बारिश, पानी की आवाज और चारों ओर फैली हरियाली के कारण पर्यटकों को प्रकृति के करीब होने का अनुभव मिलेगा।यह परियोजना बच्चों, परिवारों और प्रकृति प्रेमियों के लिए नया आकर्षण बन सकती है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
गुजरात का एकता नगर पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। यहां स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित है।प्रतिमा के आसपास पहले से ही अनेक पर्यटन स्थल विकसित किए गए हैं। इनमें जंगल सफारी, वैली ऑफ फ्लावर्स, एकता क्रूज और अन्य आकर्षण शामिल हैंअब रेन फॉरेस्ट और ग्लास स्काईवॉक के जुड़ने से पर्यटकों को एकता नगर में घूमने के लिए और अधिक विकल्प मिलेंगे।विशेषज्ञों के अनुसार, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से होटल, परिवहन, खानपान और स्थानीय व्यापार से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।इसके अलावा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न हो सकते हैं।
नर्मदा नदी में क्रूज पर्यटन को भी बढ़ावा
रेन फॉरेस्ट के साथ एकता नगर में नर्मदा नदी पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की भी तैयारी है।रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार एकता क्रूज भी प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। इस क्रूज में लगभग 600 यात्रियों के बैठने की क्षमता बताई गई है।क्रूज सेवा के माध्यम से पर्यटक नर्मदा नदी और उसके आसपास के प्राकृतिक दृश्यों का आनंद उठा सकेंगे।इस प्रकार एकता नगर में प्राकृतिक पर्यटन, साहसिक अनुभव और नदी पर्यटन को एक साथ विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा नया अवसर
गुजरात सरकार और पर्यटन से जुड़ी संस्थाओं का प्रयास है कि एकता नगर केवल स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के दर्शन तक सीमित न रहे, बल्कि पर्यटक यहां कई दिनों तक रुककर अलग-अलग पर्यटन स्थलों का आनंद लें।नई परियोजनाओं से क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। इसका लाभ स्थानीय दुकानदारों, होटल संचालकों, टैक्सी चालकों, हस्तशिल्प कारोबारियों और अन्य सेवा प्रदाताओं को मिल सकता है।इसके साथ ही पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन और आधुनिक बुनियादी ढांचे को विकसित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।फिलहाल 31 अक्टूबर को प्रस्तावित उद्घाटन को लेकर एकता नगर में उत्साह है। रेन फॉरेस्ट और ग्लास स्काईवॉक जैसी सुविधाओं के शुरू होने से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी आने वाले पर्यटकों को एक नया और रोमांचक अनुभव मिलने की उम्मीद है।