गुजरात
बनास डेयरी को मिलेगी 407 करोड़ की सौगात, पीएम मोदी करेंगे तीन बड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण
Ratna Netam
29 Oct 2026 2:46 PM IST

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गांधीनगर : 29 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर को गुजरात के बनासकांठा जिले में डेयरी उद्योग, पशुपालन और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने वाली कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। प्रधानमंत्री बनास डेयरी की कुल 407.56 करोड़ रुपये की लागत से तैयार तीन प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही थराद और राधनपुर में स्थापित होने वाले दो नए बायो-सीएनजी संयंत्रों की आधारशिला भी रखेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पशुपालकों की आय बढ़ाना, आधुनिक तकनीक के माध्यम से दूध उत्पादन को प्रोत्साहित करना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर विकसित करना है।प्रधानमंत्री मोदी 30 और 31 अक्टूबर को दो दिवसीय गुजरात दौरे पर रहेंगे। दौरे के पहले दिन बनासकांठा जिले के भीलड़ी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, विधानसभा अध्यक्ष एवं बनास डेयरी के अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल होंगे।
324.77 करोड़ से तैयार आधुनिक पशु प्रजनन केंद्र
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण भीलड़ी में स्थापित भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) होगा। करीब 324.77 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह अत्याधुनिक केंद्र 127 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसका उद्देश्य देशी गायों और भैंसों की नस्लों में आनुवंशिक सुधार करना तथा पशुओं की दूध उत्पादन क्षमता बढ़ाना है।इस केंद्र में आधुनिक पशु प्रजनन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इनमें भ्रूण प्रत्यारोपण और इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन जैसी तकनीकें शामिल हैं। केंद्र के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 25 हजार उच्च गुणवत्ता वाले भ्रूण तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे बेहतर नस्ल के पशुओं के विकास और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावनाएं बढ़ेंगी।इस परियोजना को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) का तकनीकी सहयोग प्राप्त है। केंद्र सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत इसके लिए 38.83 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। परियोजना को पशुपालन अवसंरचना विकास कोष योजना के तहत मंजूरी और नाबार्ड से वित्तीय सहायता भी मिली है।
51.65 करोड़ के फ्रेंच फ्राइज प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी सणादर में विकसित फ्रेंच फ्राइज प्रोसेसिंग प्लांट का भी वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना पर 51.65 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। बनास डेयरी की इस पहल का उद्देश्य आलू उत्पादक किसानों को बेहतर प्रसंस्करण सुविधाएं उपलब्ध कराना और कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन करना है।अप्रैल 2026 में संयंत्र की उत्पादन क्षमता दो टन प्रति घंटे से बढ़ाकर पांच टन प्रति घंटे करने का काम शुरू किया गया था। बनास डेयरी ने आलू के बीज और पौध तैयार करने से लेकर खेती, कोल्ड स्टोरेज और प्रसंस्करण तक एक एकीकृत व्यवस्था विकसित की है।इस व्यवस्था से आलू उत्पादक किसानों को बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन करने और प्रसंस्करण उद्योग से जुड़ने के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर कृषि आधारित रोजगार बढ़ने की उम्मीद है।
पालनपुर में 31.14 करोड़ की स्वचालित भंडारण प्रणाली
बनास डेयरी की तीसरी महत्वपूर्ण परियोजना पालनपुर स्थित अल्ट्रा हाई टेंपरेचर (UHT) संयंत्र में तैयार ऑटोमेटेड स्टोरेज एंड रिट्रीवल सिस्टम (ASRS) है। इस परियोजना पर 31.14 करोड़ रुपये की लागत आई है।आधुनिक तकनीक से विकसित इस प्रणाली में नौ स्तरों वाला स्टील रैक सिस्टम बनाया गया है, जिसमें करीब 11 हजार पैलेट रखने की क्षमता है। यह व्यवस्था डेयरी उत्पादों के भंडारण, प्रबंधन और वितरण को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद करेगी।स्वचालित प्रणाली से माल की आवाजाही में लगने वाला समय कम होने, भंडारण की निगरानी बेहतर होने और परिचालन खर्च घटने की उम्मीद है। बनास डेयरी के अनुसार, इससे जुड़े आर्थिक लाभ उसके लगभग 4.18 लाख दुग्ध उत्पादकों तक पहुंच सकते हैं।
थराद और राधनपुर में बनेंगे दो नए बायो-सीएनजी प्लांट
डेयरी परियोजनाओं के साथ प्रधानमंत्री मोदी दो नए बायो-सीएनजी संयंत्रों का वर्चुअल शिलान्यास भी करेंगे। इनमें थराद में प्रस्तावित संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन 75 मीट्रिक टन गोबर के प्रसंस्करण की होगी, जबकि राधनपुर में स्थापित होने वाला संयंत्र प्रतिदिन 100 मीट्रिक टन गोबर का प्रसंस्करण कर सकेगा।इन संयंत्रों के माध्यम से पशुओं के गोबर का उपयोग स्वच्छ ईंधन और जैविक खाद बनाने में किया जाएगा। इससे पशुपालकों को गोबर बेचकर अतिरिक्त आमदनी प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है।बनास डेयरी पहले से चार गोबर आधारित बायो-सीएनजी संयंत्र संचालित कर रही है। दो नए संयंत्र शुरू होने के बाद इनकी संख्या छह हो जाएगी। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, जैविक खेती और कृषि अपशिष्ट के बेहतर उपयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर जोर
बनास डेयरी की इन परियोजनाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की व्यापक योजना से जोड़कर देखा जा रहा है। आधुनिक पशु प्रजनन केंद्र जहां दूध उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार पर ध्यान देगा, वहीं खाद्य प्रसंस्करण संयंत्र किसानों को कृषि उत्पादों से अधिक मूल्य प्राप्त करने के अवसर देगा।इसके अतिरिक्त स्वचालित भंडारण व्यवस्था से डेयरी उत्पादों की आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करने में मदद मिलेगी। बायो-सीएनजी संयंत्र पशुपालन से निकलने वाले गोबर को आय के अतिरिक्त स्रोत में बदलने की दिशा में काम करेंगे।
गुजरात दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर नर्मदा जिले के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेंगे। इस दौरान वह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निकट आयोजित कार्यक्रम और राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में शामिल होंगे।प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और विधानसभा अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी ने भीलड़ी में कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की है।कुल मिलाकर, 407.56 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं का उद्घाटन और दो नए बायो-सीएनजी संयंत्रों का शिलान्यास गुजरात के डेयरी एवं कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। इन योजनाओं से पशुपालन में आधुनिक तकनीक के उपयोग, कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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