Gujrat गुजरात : भारी बारिश और संभावित आपदा को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने देर रात गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर (SEOC) का औचक दौरा कर पूरे राज्य में बारिश की स्थिति और आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने रेड अलर्ट वाले 10 जिलों के कलेक्टरों को पूरी सतर्कता के साथ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सेना और वायुसेना को भी अलर्ट पर रखा है।
प्रशासन के अनुसार, अहमदाबाद, नवसारी और सूरत में सेना की टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं, जबकि जामनगर, जोधपुर, वडोदरा और पुणे में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर स्टैंडबाय पर रखे गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके।
भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए अब तक 16,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। इसके अलावा विभिन्न प्रभावित इलाकों से 41 लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया है। प्रशासन लगातार निचले इलाकों की निगरानी कर रहा है और लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की जा रही है।
राज्य सरकार के अनुसार, गुजरात में अब तक इस मानसून सीजन की कुल औसत वर्षा का 61.5 प्रतिशत रिकॉर्ड किया जा चुका है। मौसम विभाग ने कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। सरकार ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के निर्देश दिए हैं।