पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि शराब की खेप चंडीगढ़ से लाई गई थी और इसे गुजरात पहुंचाया जाना था। गुजरात में शराबबंदी लागू होने के कारण दूसरे राज्यों से अवैध शराब पहुंचाने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस खेप को किसने भेजा था और गुजरात में इसे किस व्यक्ति या गिरोह को सौंपा जाना था। जांच के दौरान कार से गुजरात की फर्जी नंबर प्लेटें भी बरामद हुई हैं। इससे पुलिस को आशंका है कि आरोपी रास्ते में वाहन की पहचान बदलने की तैयारी में थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि तस्करी के दौरान अलग-अलग राज्यों में कार की नंबर प्लेट बदली जाती थी या नहीं।
पुलिस का मानना है कि मामला केवल दो आरोपियों तक सीमित नहीं हो सकता। इसके पीछे संगठित नेटवर्क सक्रिय होने की संभावना की जांच की जा रही है। आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और पिछले आवागमन से जुड़ी जानकारी खंगाली जा सकती है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से गुजरात तक अवैध शराब पहुंचाने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। शराबबंदी वाले राज्य में अवैध तरीके से शराब पहुंचाने के लिए तस्कर कई तरह के तरीके अपनाते हैं। कभी शराब को दूसरे सामान के बीच छिपाया जाता है तो कभी वाहनों की पहचान बदलने की कोशिश की जाती है।
इस मामले में कार से फर्जी नंबर प्लेट मिलने को पुलिस अहम कड़ी मान रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वाहन का वास्तविक नंबर क्या है और कार किसके नाम पर पंजीकृत है। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि वाहन पहले भी शराब तस्करी में इस्तेमाल हुआ है या नहीं। पुलिस दोनों आरोपियों से उनके साथियों और सप्लाई नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि चंडीगढ़ में शराब कहां से उठाई गई थी और गुजरात में इसकी डिलीवरी किस स्थान पर होनी थी। मामले में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर आगे गिरफ्तारी हो सकती है।
सोनीपत क्षेत्र कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में दूसरे राज्यों तक अवैध सामान पहुंचाने वाले तस्कर इन रास्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसी वजह से पुलिस हाईवे और सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध वाहनों की जांच करती रहती है। इस कार्रवाई में एक साथ 2304 पव्वे शराब मिलने से पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। यदि यह खेप गुजरात पहुंच जाती तो इसे अलग-अलग स्थानों पर बेचने की आशंका थी। फिलहाल पुलिस शराब की कीमत और इसके स्रोत से जुड़ी जानकारी भी जुटा रही है।
आरोपियों के खिलाफ संबंधित आबकारी कानूनों के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार से जुड़े दूसरे लोगों की पहचान के लिए जांच जारी है। पूरे मामले में अब पुलिस की नजर शराब के सप्लायर, वाहन उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति और गुजरात में इसे लेने वाले नेटवर्क पर है। गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर आने वाले समय में इस तस्करी नेटवर्क की और परतें खुल सकती हैं।