गुजरात की फिशिंग इंडस्ट्री में नई रफ्तार, धोलाई तेजी से उभर रहा प्रमुख फिशिंग हब

Update: 2025-11-21 16:13 GMT
Gujrat गुजरात: फिशिंग इंडस्ट्री इन दिनों नई रफ्तार पकड़ती नज़र आ रही है, और इसी के साथ धोलाई क्षेत्र एक नए व तेजी से उभरते फिशिंग हब के रूप में पहचान बना रहा है। राज्य सरकार की ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने की नीति, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तटीय क्षेत्रों में बढ़ते निवेश ने फिशिंग सेक्टर को नई दिशा और गति दी है। धोलाई, जो पहले केवल स्थानीय स्तर पर मछली पकड़ने का केंद्र माना जाता था, अब आधुनिक सुविधाओं के चलते बड़े पैमाने पर समुद्री कारोबार का नया केंद्र बनकर उभरा है। यहां नई फिशरी हार्बर सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिनमें कोल्ड स्टोरेज, हाई-टेक फिश प्रोसेसिंग यूनिट्स, आधुनिक डॉकिंग सिस्टम और मरीन सुरक्षा व्यवस्था शामिल है। इससे मछुआरों की आय बढ़ी है और मछली निर्यात में भी इजाफ़ा दर्ज किया गया है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि गुजरात देश का लगभग 20 प्रतिशत समुद्री मछली उत्पादन करता है और आने वाले समय में इसमें और वृद्धि की संभावना है। धोलाई क्षेत्र का तेजी से विस्तार इस वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। यहां से पकड़ी जाने वाली मछलियां न केवल गुजरात के घरेलू बाजार में भेजी जाती हैं, बल्कि विदेशों में भी निर्यात हो रही हैं, जिससे विदेशी मुद्रा आय में बढ़ोतरी हो रही है। स्थानीय मछुआरों का कहना है कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी योजनाओं ने उनके काम को आसान बनाया है। सरकार द्वारा सब्सिडी वाली आधुनिक मछली पकड़ने वाली नौकाएं, नेट अपग्रेडेशन, और मरीन बीमा जैसी सुविधाओं ने उन्हें ज्यादा सुरक्षित और लाभदायक काम करने का अवसर दिया है।
धोलाई में विकसित हो रहे फिशिंग क्लस्टर ने रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। प्रोसेसिंग यूनिट्स, ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग, आइस प्लांट्स और निर्यात चैनलों में बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य धोलाई को इंटरनेशनल-स्टैंडर्ड फिशिंग हब के रूप में विकसित करना है, ताकि यह सिर्फ गुजरात ही नहीं, बल्कि पूरे देश के समुद्री व्यापार में अहम भूमिका निभा सके। विशेषज्ञ मानते हैं कि मौजूदा गति जारी रही तो धोलाई आने वाले वर्षों में भारत के शीर्ष फिशिंग हब्स में शामिल हो सकता है। गुजरात में तटीय विकास को लेकर चल रही योजनाओं के बीच धोलाई का बढ़ता समुद्री कारोबार प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत स्तंभ बनता जा रहा है।
Tags:    

Similar News