Bhubaneswar भुवनेश्वर। भारत के लौह पुरुष और देश की एकता के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर पूरे देश में श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरी बाबू कंभंपति ने भी राजधानी भुवनेश्वर स्थित राजभवन में सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्र निर्माण का सच्चा प्रतीक बताया।
राज्यपाल ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के बिना आज का भारत अधूरा होता, क्योंकि उन्होंने न केवल 562 रियासतों का विलय कर आधुनिक भारत का निर्माण किया, बल्कि प्रशासनिक ढांचे को मजबूत कर देश को एक दिशा दी। डॉ. कंभंपति ने कहा, “सरदार पटेल ने हमें सिखाया कि जब तक देश एकजुट नहीं रहेगा, तब तक कोई भी प्रगति संभव नहीं है। उनके आदर्श आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।”
कार्यक्रम में राजभवन के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षाविद् और छात्रों ने भी भाग लिया। इस अवसर पर “राष्ट्रीय एकता दिवस” की शपथ ली गई और राज्यपाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल की तरह देश सेवा और सामाजिक सद्भाव की भावना को जीवन में उतारें। उन्होंने कहा कि “देश के युवाओं को सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।”
राज्यपाल ने यह भी कहा कि सरदार पटेल का दृष्टिकोण केवल राजनीतिक नहीं था, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता पर भी आधारित था। उन्होंने कहा कि आज जब समाज में विभिन्न विचारधाराएं और मतभेद हैं, तब हमें पटेल के समरसता के आदर्श को याद कर एकता की भावना को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर सरदार पटेल के जीवन पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें उनके स्वतंत्रता संग्राम से लेकर देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में किए गए कार्यों को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम का समापन “राष्ट्रीय एकता” के संकल्प के साथ हुआ।