Gujrat गुजरात। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से पहले गिर सोमनाथ जिले में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर सोमनाथ नगरी में भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया गया, जिसने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया। आसमान में सैकड़ों ड्रोन की मदद से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को उकेरा गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
ड्रोन शो के दौरान भगवान सोमनाथ मंदिर, तिरंगा, ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ और भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कई संदेश आसमान में प्रदर्शित किए गए। आधुनिक तकनीक और धार्मिक आस्था के इस अद्भुत संगम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने इसे यादगार अनुभव बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी जोरों पर हैं। सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है और आयोजन स्थल के आसपास विशेष इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं ताकि आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को गुजरात की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारत की पुनर्निर्माण और स्वाभिमान की भावना को भी दर्शाता है। सोमनाथ मंदिर का इतिहास आक्रमणों और पुनर्निर्माण की गाथाओं से जुड़ा हुआ है, जो भारतीय संस्कृति की दृढ़ता और आत्मसम्मान का प्रतीक माना जाता है।
ड्रोन शो के माध्यम से इसी स्वाभिमान और गौरव को आधुनिक तरीके से प्रस्तुत किया गया। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को संस्कृति और इतिहास से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। तकनीक के जरिए परंपरा को नए रूप में प्रस्तुत करने की यह पहल सराहनीय मानी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सोमनाथ पहले से ही देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है, और इस तरह के आयोजन इसकी वैश्विक पहचान को और मजबूत करते हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सोमनाथ से विशेष जुड़ाव रहा है। मुख्यमंत्री रहते हुए भी उन्होंने सोमनाथ के विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की थीं। अब प्रधानमंत्री के रूप में उनका यह दौरा क्षेत्र के विकास और सांस्कृतिक महत्व को और नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। कुल मिलाकर, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व से पहले आयोजित यह ड्रोन शो न सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन रहा, बल्कि उसने श्रद्धा, तकनीक और राष्ट्र गौरव का संदेश भी पूरे देश तक पहुंचाया।