पणजी: गोवा सरकार ने मंगलवार को 'मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता सेल' योजना शुरू की। इसके तहत पात्र निवासियों को इलाज के लिए 2 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि इस योजना के तहत इलाज के खर्च का 30 प्रतिशत तक (अधिकतम 2 लाख रुपये तक) सहयोग दिया जाएगा। इसका लाभ उन लोगों को मिलेगा जो पिछले 15 वर्षों से गोवा में रह रहे हैं।
इस योजना को लोगों के कल्याण के लिए शुरू की गई पहल बताते हुए सावंत ने कहा कि इसका मकसद मेडिकल इमरजेंसी का सामना कर रहे परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करना है। ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करने और आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद लाभार्थियों को मदद मिलेगी।
इस योजना के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन किया जा सकता है और नागरिक इसके बारे में जानकारी खास हेल्पलाइन नंबर 14524 पर ले सकते हैं। आवेदन फॉर्म योजना और सांख्यिकी विभाग से भी मिल सकते हैं और इन्हें 'गोवा ऑनलाइन' पोर्टल के ज़रिए भी हासिल किया जा सकता है।
सावंत ने कहा कि नई योजना से गोवा का हेल्थकेयर सुरक्षा घेरा और मज़बूत होगा। उन्होंने बताया कि राज्य पहले से ही कई हेल्थ इंश्योरेंस और सहायता कार्यक्रम चला रहा है, जिनमें दीनदयाल स्वास्थ्य सेवा योजना (DDSSY), मेडिक्लेम और आयुष्मान भारत शामिल हैं।
DDSSY की सफलता का ज़िक्र करते हुए सावंत ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर द्वारा शुरू की गई इस योजना से 2.71 लाख से ज़्यादा लोगों को फ़ायदा हुआ है। सरकार इसे लागू करने पर हर साल लगभग 70 करोड़ रुपये खर्च करती है।
सावंत ने राज्य के व्यापक हेल्थकेयर सिस्टम का भी ज़िक्र किया और बताया कि कई हेल्थ सेंटरों और गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में मुफ़्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि राज्य भर में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर (बीमारी से बचाव) पहल भी चलाई जा रही हैं, जिनमें नियमित हेल्थ स्क्रीनिंग प्रोग्राम और आयुर्वेद-आधारित वेलनेस कैंपेन शामिल हैं।
यह दावा करते हुए कि गोवा में देश की कुछ सबसे अच्छी हेल्थकेयर सुविधाएं उपलब्ध हैं, मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सस्ती और अच्छी मेडिकल सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
लॉन्च कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे, मुख्य सचिव डॉ. वी. कंडावेलू, स्वास्थ्य सचिव यतींद्र मारलकर, प्रणव भट्ट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। उम्मीद है कि नया सहायता सेल मरीज़ों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता देगा, खासकर उन लोगों को जिन्हें महंगे इलाज की ज़रूरत है और जिनका खर्च मौजूदा योजनाओं में पूरी तरह कवर नहीं होता है।
Tags: