बोलेरो की टक्कर से युवक गंभीर घायल, एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंचने पर आक्रोश
छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पंडरी यातायात थाना के ठीक सामने एक सड़क हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। बोलेरो वाहन की टक्कर से युवक के दोनों पैर टूट गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तत्काल मदद की कोशिश की, लेकिन समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंचने से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। जानकारी के अनुसार यह घटना पंडरी यातायात थाना के सामने हुई, जहां एक बोलेरो वाहन चालक ने सड़क पार कर रहे युवक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक के दोनों पैरों में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है और वह मौके पर दर्द से तड़पता रहा।
हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायल युवक को उठाने और प्राथमिक सहायता देने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि काफी देर तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। लगभग एक घंटे तक इंतजार करने के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं आई तो लोगों में नाराजगी बढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस पहुंच जाती तो घायल युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सकता था और उसकी हालत को और बिगड़ने से रोका जा सकता था। देर से पहुंची मदद को लेकर लोगों ने व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
इस पूरे मामले को लेकर इलाके में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि शहर के व्यस्त इलाके में स्थित होने के बावजूद आपातकालीन सेवाओं में देरी होना गंभीर लापरवाही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि एंबुलेंस सेवा की जवाबदेही तय की जाए और ऐसी घटनाओं में त्वरित सहायता सुनिश्चित की जाए। फिलहाल घायल युवक को बाद में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और दोनों पैरों में फ्रैक्चर होने के कारण उसे लंबे समय तक उपचार की आवश्यकता हो सकती है।
पुलिस ने मामले में वाहन और चालक की पहचान शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बोलेरो वाहन की तेज रफ्तार और लापरवाही से यह हादसा हुआ। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि पूरी घटना की पुष्टि की जा सके और चालक के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि पंडरी क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव अधिक रहता है और यहां सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। आए दिन हो रहे छोटे-बड़े हादसों के बावजूद प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर शहर की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। समय पर एंबुलेंस न पहुंचने की समस्या पहले भी कई मामलों में सामने आ चुकी है, जिस पर अब गंभीरता से सुधार की आवश्यकता बताई जा रही है।