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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा एक्शन, टिन्नू यादव समेत 8 पर FIR
Shantanu Roy
25 Jun 2026 8:20 PM IST

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Ayodhya. अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित हेर-फेर और चोरी के मामले में बड़ा प्रशासनिक और कानूनी कदम सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, चंपत राय के करीबी बताए जा रहे टिन्नू यादव समेत कुल 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह मामला अब जांच के अंतिम चरण में पहुंच गया है और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी शुरुआती जांच पूरी कर ली है।
एफआईआर में ट्रस्ट के किसी सदस्य का नाम नहीं है. जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। सभी आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
रमा शंकर मिश्रा
टिन्नू यादव
मनीष यादव
अनुकल्प मिश्रा
लवकुश मिश्रा
अविनाश शुक्ला
करुणेश पांडेय
सुभाष श्रीवास्तव
गैर जमानत धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. एफआईआर में किसी कर्मचारी द्वारा चोरी की बात का जिक्र है. चोरी के सामान की खरीद बिक्री का भी जिक्र है. बीएनएस की धारा 306, 316, 317, 317(4), 317(5), 61 में मामला दर्ज हुआ है. SIT की जांच की अगुवाई विजय विश्वास पंत कर रहे हैं, जिन्होंने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है। यह रिपोर्ट अब उच्च स्तर पर भेजी जा रही है। जानकारी के अनुसार, मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा होने के कारण रिपोर्ट को पहले प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं। PMO से हरी झंडी मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
इस बीच अयोध्या प्रशासन ने भी मंदिर प्रबंधन व्यवस्था में बदलाव शुरू कर दिए हैं। जिला अधिकारी शशांक त्रिपाठी, जो श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदेन सदस्य भी हैं, ने मंदिर संचालन से जुड़े कामकाज पर निगरानी बढ़ा दी है। प्रशासनिक स्तर पर यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि मंदिर की व्यवस्था में पारदर्शिता और नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। जांच शुरू होने के बाद मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं में भी कई बदलाव किए गए हैं। बताया जा रहा है कि मंदिर में कार्यरत लगभग 1600 कर्मचारियों पर अब अधिक सख्त निगरानी रखी जा रही है। हर गतिविधि पर प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों की नजर है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
सूत्रों के अनुसार, मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट से जुड़े कई लोगों की दिनचर्या और गतिविधियों में भी बदलाव देखा गया है। चंपत राय, जो पहले कारसेवकपुरम में रहते थे, अब मंदिर परिसर के भीतर ही रह रहे हैं और बाहर कम ही जाते हैं। वहीं, डॉ. अनिल मिश्रा रोजाना मंदिर परिसर पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं और बाद में अपने आवास लौट जाते हैं। इसी तरह गोपाल राव भी मंदिर से सटे क्षेत्र में निवास करते हैं और नियमित रूप से मंदिर आते हैं।
इसके अलावा, जिन कर्मचारियों के घरों से कथित तौर पर नकदी बरामद होने की बात सामने आई है, उन्हें मंदिर परिसर के भीतर बेसमेंट क्षेत्र में रखा गया है। पुलिस और जांच अधिकारी वहीं उनसे पूछताछ कर रहे हैं और उन्हें परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह कदम जांच प्रक्रिया को और सख्त बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पूरे मामले में प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं और हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य भी जुटाए गए हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल SIT की रिपोर्ट और PMO के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद ही इस पूरे मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज होगी। इस घटना ने राम मंदिर प्रबंधन और चढ़ावे की व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब आने वाले समय में जांच के निष्कर्षों से मिलने की उम्मीद है।
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