यश शर्मा हत्याकांड के आरोपी ने पत्रकार को दी गालियां, कोर्ट ने दी आजीवन कारावास की सजा

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Update: 2025-08-14 16:08 GMT
Raipur. रायपुर। बहुचर्चित यश शर्मा हत्याकांड में लंबी सुनवाई के बाद आज विशेष एट्रोसिटी कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषियों में तुषार पाहुजा, यश खेमानी, चिराग पंजवानी और तुषार पंजवानी समेत सभी आरोपी शामिल हैं। अदालत के इस फैसले के बाद कोर्ट परिसर में नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला, जहां एक आरोपी ने वीडियो रिकॉर्ड कर रहे पत्रकार से गाली-गलौज कर दी। यह मामला 13 अक्टूबर 2024 को शुरू हुआ था, जब यश शर्मा का
अपहरण
किया गया। आरोपियों ने उसे अमानवीय तरीके से प्रताड़ित किया। सिगरेट से जलाया और चाकू से घायल किया। गंभीर रूप से घायल यश शर्मा को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां लगभग तीन महीने तक इलाज के बाद उसकी मौत हो गई।शुरुआत में अपहरण और हत्या का मामला तेलीबांधा थाना में दर्ज हुआ था, जबकि बाद में परिस्थितियों के आधार पर राजेंद्र नगर थाना में हत्या की एफआईआर दर्ज की गई। इस दौरान आरोपी फरार होने की कोशिश करते रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया।


गवाहों को धमकी और सुरक्षा बढ़ाई गई
मामले की सुनवाई के दौरान कई बार गवाहों को धमकाने की घटनाएं सामने आईं। यह खुलासा भी हुआ कि आरोपी जेल में रहते हुए भी गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। इस पर न्यायालय ने गंभीर रुख अपनाया और गवाहों की सुरक्षा के निर्देश दिए। कोर्ट परिसर और गवाहों के आने-जाने पर विशेष निगरानी रखी गई। प्रशासन ने साफ किया कि गवाहों को डराने-धमकाने की किसी भी कोशिश को गंभीर अपराध माना जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस ने आश्वासन दिया कि आरोपी और उनके सहयोगी किसी भी तरह से न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर पाएंगे। इस मामले में कुल 28 गवाहों की गवाही हुई और तीन महीने के भीतर ही सुनवाई पूरी कर अदालत ने फैसला सुना दिया। पुलिस और अभियोजन पक्ष ने समन्वय के साथ काम करते हुए आरोपियों को दोषसिद्ध कराने में अहम भूमिका निभाई।


कोर्ट में हंगामा
जब अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई, तो आरोपी बौखला गए और कोर्ट परिसर में हंगामा करने लगे। एक आरोपी ने मौके पर मौजूद मीडिया कर्मी को गालियां दीं। हालांकि, पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को तुरंत काबू में कर लिया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह की जघन्य वारदात में दोषियों को किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जा सकती। यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह मामला उनकी प्राथमिकता में था और गवाहों की सुरक्षा से लेकर कोर्ट में केस को मजबूत करने तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया। आगे भी ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
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