Raipur. रायपुर। उरला क्षेत्र की शिल्पी स्टील प्राइवेट लिमिटेड में काम करते समय एक श्रमिक शिव कुमार यादव (35 वर्ष) की झुलसने से मौत हो गई। घटना 12 अगस्त 2024 को दोपहर करीब 3 बजे हुई थी, जब शिव कुमार भट्ठी (किलन) की सफाई के लिए निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान भट्ठी से अचानक गरम डस्ट और धुआं निकलने लगा, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें उपचार के लिए कालड़ा बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर पचपेढीनाका रायपुर में भर्ती कराया गया, लेकिन 17 अगस्त 2025 की शाम 4:30 बजे उनकी मृत्यु हो गई।
प्राथमिक जांच में पाया गया कि फैक्ट्री प्रबंधन ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए थे। कर्मचारियों को काम के दौरान जरूरी सुरक्षा उपकरण जैसे उच्च गुणवत्ता का हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, दस्ताने और सुरक्षा जूते उपलब्ध नहीं कराए गए थे। इस लापरवाही के चलते शिव कुमार यादव की जान गई। मृतक अपने घर सिरस कला भिलाई 3, जिला दुर्ग का निवासी था। मृत्यु की जानकारी मिलने पर थाना न्यू राजेन्द्र नगर में मर्ग क्रमांक 00/86/2025 धारा 194 बीएनएसएस के तहत मर्ग दर्ज किया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कंपनी प्रबंधन की लापरवाही से यह हादसा हुआ। इस आधार पर धारा 289, 106(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम करवा दिया है और मामले की आगे की कार्रवाई कर रही है।
जांच अधिकारी सउनि रामनारायण वर्मा ने बताया कि मृतक के परिजनों की रिपोर्ट और चिकित्सीय दस्तावेजों के आधार पर प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। मृतक के साथ काम कर रहे अन्य कर्मचारियों ने भी बयान दिया है कि सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। प्रबंधन की लापरवाही से प्रभावित परिवार ने न्याय की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होना चाहिए। यदि समय रहते सुरक्षा उपकरण दिए जाते, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। जिला प्रशासन और श्रम विभाग ने फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है। एसडीएम कार्यालय को भी मर्ग कायमी की सूचना भेजी गई है। साथ ही अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। इस घटना ने औद्योगिक सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन, कंपनियों और समाज को मिलकर कार्य करना होगा। उरला क्षेत्र की इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा उपायों की अनदेखी न केवल दुर्घटना का कारण बनती है, बल्कि परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति भी लाती है। पुलिस अब दोषियों को पकड़ने और उन्हें कड़ी सजा दिलाने के लिए जांच में जुटी हुई है।