Sakti. सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में इलाज कराने क्लीनिक पहुंची एक महिला के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ किए जाने का मामला सामने आया है। सिरदर्द से परेशान महिला अपने पति के साथ इलाज कराने पहुंची थी। आरोप है कि क्लीनिक में जांच के बहाने महिला के साथ गलत हरकत की गई। घटना के बाद पीड़िता ने बाराद्वार थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शिकायत दर्ज होने के महज आठ घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना 27 अक्टूबर 2026 की है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उस दिन सुबह से उसके सिर में तेज दर्द हो रहा था। लगातार दर्द बने रहने के कारण उसने इसकी जानकारी अपने पति को दी। महिला की परेशानी को देखते हुए पति उसे इलाज कराने के लिए रायपुरा गांव स्थित एक क्लीनिक में लेकर पहुंचा। महिला का आरोप है कि क्लीनिक पहुंचने के बाद वहां मौजूद आरोपी ने उसके पति को पर्दे की आड़ में बैठने के लिए कहा। इसके बाद आरोपी ने महिला से उसकी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बारे में जानकारी ली। पीड़िता के अनुसार, शाम करीब 6 बजकर 48 मिनट पर आरोपी ने बताया कि सिरदर्द की समस्या गैस के कारण हो सकती है।
इसके बाद आरोपी ने जांच करने के लिए महिला को टेबल पर लेटने को कहा। पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने पेट की जांच करने के बहाने गलत नीयत से उसके साथ छेड़छाड़ की। महिला ने इस घटना को लेकर आपत्ति जताई और बाद में अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। घटना के अगले दिन यानी 28 अक्टूबर 2026 को पीड़िता बाराद्वार थाने पहुंची और पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में उसने क्लीनिक में इलाज के दौरान हुई कथित घटना का विवरण दिया। पुलिस ने महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार, मामले में अपराध क्रमांक 407/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। उल्लेखनीय है कि बीएनएस की धारा 64(2) दुष्कर्म से संबंधित गंभीर अपराधों के लिए निर्धारित है। हालांकि, आरोपों की विस्तृत प्रकृति और जांच से जुड़े सभी तथ्य पुलिस की उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं किए गए हैं।
शिकायत दर्ज होने के बाद बाराद्वार थाना पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए महज आठ घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे संबंधित आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। फिलहाल मामले में आगे की वैधानिक प्रक्रिया जारी है।
इस घटना के सामने आने के बाद इलाज के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में पहुंचने वाली महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा का विषय भी महत्वपूर्ण हो गया है। किसी भी मरीज की चिकित्सकीय जांच के दौरान उसकी सहमति, निजता और सम्मान का ध्यान रखना आवश्यक है। महिलाओं के साथ इलाज के नाम पर किसी भी प्रकार की अनुचित हरकत की शिकायत गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में समय पर शिकायत दर्ज होना और निष्पक्ष जांच किया जाना जरूरी है। फिलहाल पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
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