Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। चौकी स्मृतिनगर, थाना सुपेला और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की संयुक्त टीम ने रूंगटा कॉलेज के पीछे राजा गार्डन स्थित एक मकान में दबिश देकर WINBUZZ ऐप के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो मासिक वेतन पर सट्टा संचालन का काम कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान 4 लाख 93 हजार रुपये नकद, 3 लैपटॉप, एक आईपैड, 18 स्मार्टफोन सहित बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज और चार स्कूटर जब्त किए गए हैं। वहीं, गिरोह के कथित मुख्य संचालक देवेंद्र कुमार साहू और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की तलाश जारी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, स्मृतिनगर चौकी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रूंगटा कॉलेज के पीछे जी-9 टावर के पास राजा गार्डन स्थित देवेंद्र कुमार साहू के मकान में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का संचालन किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस और ACCU की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद गवाहों की मौजूदगी में मकान की घेराबंदी कर दबिश दी गई।

पुलिस को देखकर भागने लगे आरोपी, घेराबंदी कर पकड़ा
पुलिस टीम के मौके पर पहुंचते ही वहां मौजूद संदिग्ध व्यक्तियों ने भागने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर दो युवकों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान प्रकाश हरिनखेड़े (23) और डिकेश प्रसाद तिवारी (22) के रूप में हुई। दोनों आरोपी अर्जुन नगर, थाना वैशाली नगर क्षेत्र के निवासी हैं। मौके की तलाशी लेने पर पुलिस को ऑनलाइन सट्टा संचालन में इस्तेमाल किए जा रहे लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और नकदी मिली। पुलिस ने सभी सामान जब्त कर आरोपियों से पूछताछ शुरू की।

मासिक वेतन पर चलाते थे ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार दोनों युवक मासिक वेतन पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन का काम करते थे। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का कथित मुख्य संचालक देवेंद्र कुमार साहू है, जो अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर WINBUZZ ऐप के माध्यम से सट्टेबाजी का कारोबार संचालित कर रहा था। इस काम के लिए लैपटॉप, स्मार्टफोन, सिम कार्ड और विभिन्न बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था। आरोपियों के पास से मिले बैंकिंग दस्तावेजों की जांच में पुलिस को संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़ी जानकारी मिली है।

खाताधारकों की जानकारी के बिना बैंक खातों के इस्तेमाल का संदेह
पुलिस जांच में यह भी जानकारी सामने आई है कि कथित रूप से कुछ खाताधारकों की जानकारी के बिना उनके बैंक खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टे से जुड़े लेन-देन में किया जा रहा था। पुलिस अब इन खातों के जरिए हुए वित्तीय लेन-देन और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह कितने समय से सक्रिय था और इसके नेटवर्क से अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। साथ ही जब्त मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिलने वाले डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।

4.93 लाख नकद समेत लाखों का सामान जब्त
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे और घटनास्थल से 4 लाख 93 हजार रुपये नकद, 3 लैपटॉप, एक आईपैड, 18 स्मार्ट मोबाइल फोन, एक एयरटेल वाई-फाई डिवाइस, विभिन्न बैंकों के 22 एटीएम कार्ड, 10 बैंक पासबुक, चार एयरटेल बैंक क्यूआर कोड स्कैनर और चार होंडा एक्टिवा स्कूटर जब्त किए हैं। इसके अलावा कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, जब्त सामग्री की जांच से सट्टा नेटवर्क के संचालन और पैसों के लेन-देन से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी मिल सकती है।

मुख्य संचालक देवेंद्र साहू की तलाश जारी
इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2), 317(4) तथा 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। दोनों को 2 नवंबर 2026 को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस अब कथित मुख्य संचालक देवेंद्र कुमार साहू और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश कर रही है। मामले में आगे की विवेचना जारी है। दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए जैसी अवैध गतिविधियों से दूर रहें। साथ ही किसी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी उपलब्ध न कराएं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि बैंक खाते किराए पर देना या संदिग्ध लेन-देन में उनका इस्तेमाल होने देना कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है।
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