Balod. बालोद। जिले के डौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम नर्राटोला में आदतन चोरी करने वाले एक चोर और उसके दो नाबालिग साथियों को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। घटना रविवार की रात हुई, जब परिवार को अपने घर में चोरी की हलचल सुनाई दी। जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता युगल किशोर तारम अपने परिवार के साथ रात करीब 8 बजे खाना खाकर सो गए थे। देर रात करीब 2 बजे कमरे में रखी चुड़ी की आवाज़ सुनकर परिवार जाग गया। उन्होंने देखा कि घर में एक युवक घुसा हुआ है।

घर के सदस्य और शोर सुनकर आसपास के गांव वाले मौके पर पहुंचे। चोरी करने आए तीनों चोर भागने लगे। ग्रामीणों ने पीछा कर एक आरोपी को पकड़ लिया और उसके हाथ-पैर बांधकर पुलिस के हवाले किया। पकड़े गए आरोपी का नाम इरफान हुसैन, पिता सज्जाद हुसैन (19 वर्ष), निवासी पुराना बाजार बताया गया है। चोरी में शामिल अन्य दो आरोपी नाबालिग बताए जा रहे हैं, जिन्हें बाद में पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी आदतन चोर है। वह गांजा और शराब पीने की लत के चलते अपने दोस्तों के साथ चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी ने घर की अलमारी और पेटी तोड़कर लगभग 6 हजार रुपये नगद चोरी किए थे। पुलिस ने चोरी की पूरी रकम और अन्य सामान बरामद कर लिया।

फरार हुए नाबालिगों ने सुबह होते ही चोरी की गई 1,000 रुपये राशि खर्च कर दी थी। डौंडी पुलिस ने बाकी की रकम और सामान बरामद कर लिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कुछ दिन पहले चिखली गांव में हुई चोरी में भी शामिल था। उस वारदात में उन्होंने 20 हजार रुपये नगद, एक जोड़ी पायल, एक जोड़ी बिछिया और एक जोड़ी कान के झुमके चोरी किए थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी की गई रकम और आभूषण वे जंगल में खोदे गए गड्ढे में छिपाते थे। डौंडी थाना प्रभारी उमा ठाकुर ने बताया कि इस मामले में धारा 305(अ) और 331(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। तीन आरोपियों में से दो नाबालिगों को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने कहा कि अन्य चोरी के मामलों की जांच जारी है और आरोपी के साथ जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

ग्रामीणों ने पुलिस और अपने प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आदतन चोर और उनके साथियों को पकड़कर पुलिस के हवाले करना सामाजिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि सामूहिक सतर्कता और सहयोग से इस तरह की घटनाओं को कम किया जा सकता है। यह मामला दर्शाता है कि आदतन अपराधी और नाबालिग accomplices किस तरह से ग्रामीण इलाकों में घरों और दुकानों में चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। हालांकि, ग्रामीणों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने चोरी के आरोपियों को पकड़ने में मदद की। थाना प्रभारी ने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी सुरक्षा के लिए सतर्क रहें, घर और सामान की निगरानी रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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