Dantewada. दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में अंधविश्वास से जुड़ा सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। जादू-टोना करने के शक में ग्रामीणों ने एक व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को श्मशान घाट ले जाकर जला दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पोरोपरिया पटेलपारा का है। पुलिस के अनुसार, 1 सितंबर 2026 को गांव के कुछ ग्रामीणों ने जोगा मंडावी नामक व्यक्ति पर जादू-टोना करने का शक जताया था। इसी बात को लेकर ग्रामीणों और जोगा मंडावी के बीच विवाद शुरू हुआ।
बताया जा रहा है कि ग्रामीणों का आरोप था कि जोगा मंडावी की वजह से गांव के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी अंधविश्वास के चलते कुछ ग्रामीणों ने उसके साथ विवाद किया और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया। आरोप है कि गांव के कई लोगों ने एकजुट होकर जोगा मंडावी के घर पहुंचकर हमला कर दिया। इस दौरान जोगा और उसके परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की गई। ग्रामीणों ने जोगा मंडावी को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपियों ने मृतक के शव को श्मशान घाट ले जाकर जला दिया। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई और तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए घटना में शामिल संदिग्धों की पहचान की। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में कोसा मंडावी, नंदा मंडावी, नंदा कोवासी, आयता कवासी, भीमा मंडावी और हिड़मा बारसे शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 103(1), 190, 191, 332(1), 238, 127(2), 115(2), 351 और 296 के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका, हत्या के पीछे की पूरी परिस्थितियों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। दंतेवाड़ा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अंधविश्वास के नाम पर किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस टीम द्वारा क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।