Bilaspur. बिलासपुर। शहर के तारबाहर थाना क्षेत्र में मैग्नेटो मॉल के सामने स्थित मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स ज्वैलरी शॉप में आभूषणों की बिक्री को लेकर विवाद सामने आया है। छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों और व्यापारियों ने दुकान पहुंचकर कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध जताया। इस दौरान दुकान परिसर में काफी देर तक हंगामा हुआ और व्यापारियों तथा दुकान प्रबंधन के बीच तीखी बहस की स्थिति बनी रही। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि ग्राहकों को 22 कैरेट बताकर 20 कैरेट का सोना बेचा जा रहा है।
इसके अलावा पुराने सोने के एक्सचेंज के दौरान भी करीब 8 प्रतिशत सोने की कमी किए जाने का आरोप लगाया गया। व्यापारियों ने इन कथित अनियमितताओं को लेकर दुकान प्रबंधन से जवाब मांगा और सोने की शुद्धता तथा एक्सचेंज प्रक्रिया पर सवाल उठाए। जानकारी के मुताबिक, आभूषणों की बिक्री में कथित गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन से जुड़े कई व्यापारी ज्वैलरी शॉप पहुंचे थे। व्यापारियों ने दुकान में पहुंचकर सोने की गुणवत्ता और ग्राहकों को दी जा रही जानकारी के संबंध में चर्चा की। इसी दौरान मामला विवाद में बदल गया।
व्यापारियों का कहना था कि सोने की बिक्री में कैरेट और शुद्धता की जानकारी ग्राहक के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि किसी ग्राहक को अधिक कैरेट का सोना बताकर कम शुद्धता वाला आभूषण दिया जाता है तो यह गंभीर विषय है। इसी तरह पुराने सोने के एक्सचेंज के दौरान वजन और शुद्धता की गणना में पारदर्शिता जरूरी है। विरोध के दौरान दुकान में मौजूद कर्मचारियों और व्यापारियों के बीच तीखी बहस हुई। कुछ देर तक दुकान परिसर में हंगामे की स्थिति बनी रही। विवाद बढ़ने की सूचना मिलने पर तारबाहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से बातचीत की और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों ने संबंधित पक्षों से घटना के संबंध में जानकारी ली। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सोने की शुद्धता और एक्सचेंज प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मामले में पुलिस संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर सकती है और उपलब्ध दस्तावेजों या अन्य साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
सोने की शुद्धता को लेकर विवाद सामने आने के बाद स्थानीय सराफा कारोबारियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। व्यापारियों का कहना है कि ज्वैलरी कारोबार में ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने के लिए शुद्धता, वजन, बिलिंग और पुराने सोने के एक्सचेंज की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होना जरूरी है। फिलहाल विवाद के बाद पुलिस की मौजूदगी में स्थिति शांत कराई गई है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर होने की संभावना है। वहीं, कथित तौर पर कम कैरेट का सोना बेचने और पुराने सोने के एक्सचेंज में कमी किए जाने के आरोपों की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
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