Jashpur. जशपुर। जशपुर जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत जशपुर पुलिस ने बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए दो पिकअप वाहनों से कुल 26 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। इस कार्रवाई के दौरान चार गौवंशों की मौत होने की पुष्टि हुई है, जबकि तस्करी में शामिल आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने दोनों पिकअप वाहनों को जब्त कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, 6 और 7 दिसंबर की दरम्यानी रात पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि कुछ गौ तस्कर पिकअप वाहनों में गौवंशों को भरकर झारखंड की ओर ले जाने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही जशपुर पुलिस हरकत में आई और सिटी कोतवाली जशपुर, कुनकुरी थाना, लोदाम थाना तथा रक्षित केंद्र के पुलिस बल को अलर्ट किया गया। संभावित मार्गों पर नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहनों की सघन जांच के निर्देश दिए गए।
पुलिस टीम ने लोरो घाट क्षेत्र में रणनीतिक रूप से नाकेबंदी की। रात करीब 3 से 4 बजे के बीच दो संदिग्ध पिकअप वाहन लोरो घाट की ओर आते दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो तस्करों ने पुलिस को देखकर वाहनों की गति तेज कर दी और भागने लगे। एक पिकअप जशपुर की ओर भागा, जबकि दूसरा दुलदुला–चटकपुर मार्ग से कुनकुरी की दिशा में मुड़ गया। जशपुर की ओर भाग रहे पिकअप वाहन का चालक आगे की नाकेबंदी देखकर और तेज रफ्तार में वाहन चलाने लगा। इसी दौरान काईकछार के पास पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। पुलिस जब तक मौके पर पहुंचती, चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुका था। पलटे हुए पिकअप (क्रमांक JH-01-VY-7119) की तलाशी लेने पर पुलिस को त्रिपाल के नीचे रस्सियों से बेरहमीपूर्वक बंधे 10 गौवंश मिले।
इनमें से एक गौवंश की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। इधर, दूसरी पुलिस टीम ने दुलदुला–कुनकुरी मार्ग की ओर भाग रही दूसरी पिकअप का पीछा किया। कुनकुरी पुलिस ने पहले से संभावित मार्गों पर नाकेबंदी कर रखी थी। पुलिस दबाव को देखते हुए आरोपी ग्राम गड़ाकाटा के पास पिकअप वाहन (क्रमांक JH-01-FK-5521) को छोड़कर फरार हो गए। वाहन की जांच में सब्जी रखने वाले कैरेट के पीछे छिपाकर रखे गए 16 गौवंश बरामद किए गए, जिनमें से 3 गौवंश मृत अवस्था में पाए गए। दोनों वाहनों से बरामद जीवित गौवंशों का तत्काल पशु चिकित्सक द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। घायल और कमजोर गौवंशों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया, ताकि उन्हें सुरक्षित रखा जा सके। मृत पाए गए चारों गौवंशों का विधिवत पोस्टमार्टम कराकर नियमानुसार अंतिम संस्कार किया गया, जिससे पशु क्रूरता से जुड़े साक्ष्य सुरक्षित रह सकें।
पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त दोनों पिकअप वाहनों को विधिवत जब्त कर लिया है। फरार गौ तस्करों के खिलाफ सिटी कोतवाली जशपुर और कुनकुरी थाने में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क)(घ) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामले को लेकर जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस गौ तस्करी के मामलों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत जिलेभर में लगातार सघन निगरानी और सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि फरार आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और गौ तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एसएसपी ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें गौ तस्करी से जुड़ी कोई भी सूचना मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। जशपुर पुलिस का कहना है कि गौवंशों की सुरक्षा और पशु क्रूरता पर रोक के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।