ऑपरेशन अमानत के रेलवे ने यात्रियों को लौटाया ₹3.86 करोड़ का गुम हुआ सामान
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Bilaspur/Raipur. बिलासपुर/रायपुर। भारतीय रेलवे यात्रियों को न केवल सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराने में संलग्न है, बल्कि यात्रा के दौरान उनके द्वारा भूलवश छोड़े गए कीमती सामान की सुरक्षित वापसी भी सुनिश्चित कर रही है। इसी दिशा में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा शुरू की गई विशेष पहल "ऑपरेशन अमानत" के परिणामस्वरूप अब तक ₹3 करोड़ 86 लाख रुपये से अधिक मूल्य का सामान यात्रियों को वापस लौटाया गया है।
🎯 यात्रा में भूलना अब चिंता की बात नहीं
यात्रा के दौरान जल्दबाजी, भीड़ और अन्य कारणों से कई बार यात्री अपना बैग, मोबाइल, पर्स, लैपटॉप जैसी कीमती वस्तुएं ट्रेन में या स्टेशन पर छोड़ जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर, रायपुर और नागपुर मंडलों में “ऑपरेशन अमानत” के तहत आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) त्वरित और सतर्क कार्यवाही कर यात्रियों को उनका सामान वापस सौंप रही है।
🔎 कैसे काम करता है ऑपरेशन अमानत?
जैसे ही कोई यात्री रेल मदद ऐप, ट्विटर या अन्य माध्यमों से गुम सामान की सूचना देता है, संबंधित जानकारी तुरंत सुरक्षा नियंत्रण कक्ष को दी जाती है।
वहां से ट्रेन संख्या, कोच संख्या, स्टेशन की जानकारी लेकर आरपीएफ टीम को अलर्ट किया जाता है।
आरपीएफ कर्मी संबंधित कोच या प्लेटफॉर्म पर जाकर सामान को खोजते हैं।
पुष्टि होने पर यात्री से संपर्क कर उन्हें आरपीएफ पोस्ट बुलाया जाता है, जहां उचित सत्यापन के बाद उनका सामान सौंपा जाता है।
📊 2024 से अब तक की उपलब्धियां
अप्रैल 2024 से जून 27, 2025 तक:
कुल यात्रियों को लौटाया गया सामान: 1777
कुल मूल्य: ₹3,86,07,678
बिलासपुर मंडल: ₹1,56,26,345 (723 यात्रियों को)
रायपुर मंडल: ₹1,31,12,439 (615 यात्रियों को)
नागपुर मंडल: ₹98,68,894 (439 यात्रियों को)
इसके अतिरिक्त, 1243 ऐसे मामलों का भी समाधान किया गया, जिनमें यात्री सफर के दौरान अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे थे और रेल मदद के जरिए उन्हें खोजकर राहत पहुंचाई गई।
🛡️ आरपीएफ की 24x7 सतर्कता
रेलवे सुरक्षा बल न केवल लावारिस सामानों की वापसी में तत्पर है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। ऑपरेशन अमानत जैसे अभियानों से जनविश्वास और पारदर्शिता में बढ़ोतरी हो रही है।
🙌 यात्रियों की प्रतिक्रियाएं
कई यात्रियों ने सोशल मीडिया और रेल मदद के माध्यम से आरपीएफ को उनके सामान लौटाने के लिए धन्यवाद दिया है। कुछ मामलों में यात्रियों के पासपोर्ट, डॉक्युमेंट्स और लाखों कीमती सामान भी वापस लौटाया गया, जिससे वे संकट में भी यात्रा पूरी कर सके।